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परीक्षा केंद्र में नहीं मिली एंट्री तो छात्रा ने शिक्षा मंत्री फूफा को किया फोन

परीक्षा केंद्र में नहीं मिली एंट्री तो छात्रा ने शिक्षा मंत्री फूफा को किया फोन

शोभना शर्मा। राजस्थान के बारां जिले में द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की भतीजी सीमा परिहार को परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण प्रवेश नहीं मिला। छात्रा ने जब अधिकारियों से गुहार लगाई और यहां तक कि अपने फूफा यानी शिक्षा मंत्री को फोन किया, तब भी नियमों के तहत उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।

बारां जिले का मामला

यह घटना बारां जिले के अटरू उपखंड के कमला कॉन्वेंट विद्यालय परीक्षा केंद्र की है। सीमा परिहार का पेपर सोमवार को निर्धारित था। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक था। लेकिन सीमा आधे घंटे देर से परीक्षा केंद्र पहुंची। उस समय तक गेट बंद हो चुका था और अंदर किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं थी।

सीमा परिहार परीक्षा केंद्र के गेट पर अधिकारियों से बार-बार विनती करती रही। उसने यहां तक कहा कि वह शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की भतीजी है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों ने उसे नियमों का हवाला देकर प्रवेश नहीं दिया।

छात्रा ने किया मंत्री को फोन

सीमा ने अंततः अपने फूफा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को फोन लगाया और उनसे पैरवी करने का अनुरोध किया। लेकिन मंत्री ने साफ शब्दों में मना कर दिया। उन्होंने कहा—

“बेटा, नियम सबके लिए समान हैं। जो समय पर पहुंचेगा वही परीक्षा देगा। लेट आने पर कोई अपवाद नहीं हो सकता। मेरे लिए सभी छात्र-छात्राएं बराबर हैं।”

मदन दिलावर के इस रुख ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे नियमों को तोड़ने के पक्ष में नहीं हैं।

अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाती रही छात्रा

सीमा परिहार परीक्षा केंद्र के बाहर गिड़गिड़ाती रही। यहां तक कि उसके माता-पिता मदन परिहार भी पहुंचे और अधिकारियों से हाथ जोड़कर बेटी को अंदर जाने देने की विनती की। लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी। आधिकारिक आदेश के अनुसार गेट बंद होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाती।

छात्रा और परिवार की कोशिशों के बावजूद उसे अंदर एंट्री नहीं मिली और वह परीक्षा से वंचित रह गई।

शिक्षा मंत्री ने कहा- नियम सबसे ऊपर

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस पूरे मामले में दो टूक कहा कि परीक्षा के नियम सबके लिए समान हैं। समय पर केंद्र पर नहीं पहुंचने पर किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिल सकता, चाहे वह उनका रिश्‍तेदार ही क्यों न हो।

मंत्री का यह बयान शिक्षा प्रणाली में समानता और पारदर्शिता का संदेश देता है। उन्होंने साफ कर दिया कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवार उनके लिए समान महत्व रखते हैं।

परीक्षा केंद्रों पर सख्ती

बारां जिले में इस समय द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित हो रही है। यह परीक्षा 7 सितंबर से 12 सितंबर तक दो पारियों में आयोजित की जा रही है। पहली पारी सुबह 9 से 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होती है।

परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। इस सख्ती का असर यह है कि कई छात्र-छात्राओं को देर से पहुंचने पर परीक्षा से वंचित होना पड़ा।

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