मनीषा शर्मा। राजस्थान इन दिनों भारी बारिश की चपेट में है। शनिवार को उदयपुर, पाली, जालोर, सिरोही और राजसमंद सहित कई जिलों में 2 से 5 इंच तक बारिश दर्ज की गई। बारिश इतनी तेज हुई कि नदियां और बांध उफान पर आ गए। कई कॉलोनियां डूब गईं और लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। उदयपुर में शहर के बीच बहने वाली आयड़ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी के पानी से कॉलोनियां डूब गईं और कई लोग फंस गए। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मिलकर लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा।
उदयपुर में बड़ा हादसा टला
उदयपुर के एकलिंगपुरा ब्रिज के नीचे से गुजर रही एक बस पानी में फंस गई। इस बस में 30 से ज्यादा कॉलेज स्टूडेंट सवार थे। पानी का बहाव इतना तेज था कि बस आगे नहीं बढ़ पाई। मौके पर पहुंचे उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और ग्रामीणों ने मिलकर बस को धक्का दिया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
राजसमंद में हाईवे बहा, पाली में जवाई बांध के गेट खुले
भारी बारिश ने राजसमंद जिले में भी कहर ढाया। रिछेड़ क्षेत्र में तेज बारिश के कारण नेशनल हाईवे-162 (राजसमंद-जोधपुर मार्ग) का आधा हिस्सा बह गया। इससे हाईवे को बंद करना पड़ा और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पाली जिले में लगातार हो रही बारिश से जवाई बांध पूरा भर गया। प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए शनिवार को पहले 4 गेट खोले। इसके बाद 5 और गेट खोले गए। देर रात को हालात सामान्य होने पर 2 गेट बंद कर दिए गए।
अजमेर और भीलवाड़ा में बिगड़े हालात
अजमेर जिले के बोराज क्षेत्र में अंबा नाड़ी ओवरफ्लो होने से उसका पानी बोराज तालाब में चला गया। तालाब की पाल टूटी होने से वरुण सागर रोड स्थित स्वास्तिक नगर कॉलोनी में फिर से पानी भर गया। यहां के लोग पिछले कई दिनों से जलभराव से जूझ रहे हैं। भीलवाड़ा में शनिवार सुबह तक लगातार बारिश हुई। कई कॉलोनियों और घरों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। मांडल क्षेत्र में एक मकान ढह गया, जिससे लोग दहशत में आ गए।
बिजली गिरने से मौतें और घायल
कोटा जिले में बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। वहीं बारां जिले में पेड़ के नीचे खड़े 5 लोग झुलस गए। इन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
उदयपुर के गोगुंदा में 136MM, सायरा में 81MM, बड़गांव में 74MM, झाड़ोल में 56MM, भींडर में 58MM, वल्लभनगर में 65MM, कोटड़ा में 61MM बारिश दर्ज की गई।
पाली जिले के सुमेरपुर में 90MM, रानी में 88MM, देसूरी में 50MM, बाली में 43MM बारिश हुई।
सिरोही के पिंडवाड़ा में 105MM, शिवगंज में 71MM, देलदर में 62MM पानी बरसा।
जालोर के आहोर में 61MM, भाद्राजून में 52MM, जालोर शहर में 54MM बारिश दर्ज की गई।
डूंगरपुर जिले के बिच्छीवाड़ा में 60MM और शहर में 47MM बरसात हुई।
इसके अलावा बूंदी, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा और सवाई माधोपुर जिलों में भी 40 से 70MM तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को बाड़मेर, जालोर और सिरोही में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं जैसलमेर, जोधपुर, पाली, राजसमंद और उदयपुर जिले में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इसके अलावा 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि 9 सितंबर से बारिश का दौर थम सकता है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मानसून ट्रफ का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ जैसलमेर, गुना, दमोह, पैंड्रा रोड और संबलपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक अन्य ट्रफ पंजाब से शुरू होकर राजस्थान, गुजरात और अरब सागर तक सक्रिय है। इन सिस्टम के कारण राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में भारी बारिश हो रही है।


