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अजमेर में जल्द बनेगी लेपर्ड सफारी, भैरव घाटी में होगा इको टूरिज्म का नया अध्याय

अजमेर में जल्द बनेगी लेपर्ड सफारी, भैरव घाटी में होगा इको टूरिज्म का नया अध्याय

मनीषा शर्मा, अजमेर ।  अजमेर में पर्यटन के क्षेत्र को नई दिशा देने वाली लेपर्ड सफारी परियोजना जल्द ही शुरू होने जा रही है। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने काजीपुरा स्थित भैरव घाटी का दौरा किया और परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टिकट खिड़की, रेस्ट प्वाइंट्स, सेल्फी प्वाइंट्स और पर्यटकों की सुविधा से जुड़ी प्रस्तावित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। देवनानी ने कहा कि भैरव घाटी में बनने वाली यह सफारी शहर को इको टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। उनका कहना था कि परियोजना का शिलान्यास इसी माह किया जाएगा और अगले एक से डेढ़ साल में यह सुविधा आमजन और पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी।

19 करोड़ रुपए का व्यय प्रस्तावित

लेपर्ड सफारी परियोजना पर लगभग 19 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। शुरुआती चरण में लगभग 6 करोड़ रुपए से कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 7.5 किलोमीटर पुराने क्षतिग्रस्त ट्रैक का पुनर्निर्माण किया जाएगा और 11.5 किलोमीटर नए ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा। यह ट्रैक न केवल सफारी के लिए होगा बल्कि मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी उपयोगी रहेगा। इसके अलावा मार्ग में रेस्ट प्वाइंट्स, अल्पाहार केंद्र और सेल्फी प्वाइंट्स जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार और आय के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

अजमेर को मिलेगी नई पहचान

देवनानी ने कहा कि भैरव घाटी में लेपर्ड सफारी बनने से अजमेर को पर्यावरणीय पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। अजमेर पहले से ही शिक्षा नगरी के रूप में विख्यात है और अब इसे पर्यटन के क्षेत्र में भी समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री और वन मंत्री से विस्तार से चर्चा की गई है। अजमेर के लिए लगभग 40 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं और इनमें से अधिकांश को वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है।

पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव

लेपर्ड सफारी परियोजना से न केवल अजमेर के नागरिक बल्कि पुष्कर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक भी आकर्षित होंगे। यह सफारी उन्हें वन्यजीवों को करीब से देखने और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने का अवसर देगी। इसके साथ ही देवनानी ने कहा कि अजमेर में अन्य रमणीय स्थल भी जल्द ही पर्यटकों को उपलब्ध होंगे। इनमें साइंस पार्क का निर्माण, वरुणसागर का सौंदर्यीकरण और अजमेर एंट्रेंस प्लाजा जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे अजमेर का पर्यटन ढांचा और मजबूत होगा।

रोजगार और ग्रामीण विकास की दिशा में कदम

इस परियोजना से स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे। पर्यटकों के आने से स्थानीय उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे ग्रामीणों की आय में इजाफा होगा। अल्पाहार केंद्रों और अन्य सुविधाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास भी होगा।

इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

लेपर्ड सफारी परियोजना इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का एक बड़ा कदम है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उपयोगी साबित होगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का संदेश देगी। भैरव घाटी का प्राकृतिक वातावरण और सांस्कृतिक महत्व इसे और भी खास बनाता है। यहां सफारी के साथ-साथ श्रद्धालु मंदिर दर्शन का भी लाभ उठा सकेंगे।

अजमेर में भैरव घाटी की लेपर्ड सफारी परियोजना पर्यटन, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में क्रांतिकारी पहल है। 19 करोड़ की इस परियोजना से शहर की पहचान सिर्फ शिक्षा नगरी के रूप में नहीं बल्कि पर्यावरणीय पर्यटन स्थल के रूप में भी होगी।

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