शोभना शर्मा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। यह दौरा भारत और जापान के बीच रिश्तों की गहराई और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। मोदी 29 और 30 अगस्त को यहां होने वाले 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ अपनी पहली औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
टोक्यो हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची, जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। लेकिन इस स्वागत को खास बनाने वाला पल तब आया जब पारंपरिक राजस्थानी परिधान पहनी जापानी महिलाओं ने भजन गाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
पीएम मोदी ने की खास फरमाइश
स्वागत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां मौजूद महिला कलाकार से पूछा, “क्या आप कुछ गा सकती हैं?” इस पर महिला ने अपना परिचय देते हुए कहा, “मैं राजस्थानी मधु नाम से डांस करती हूं। मैंने प्रधानमंत्री का हिंदी में स्वागत किया और फिर उन्होंने मुझसे गाने को कहा। इसके बाद मैंने उनके लिए राजस्थानी भजन ‘वारी जाऊं रे बलिहारी जाऊं’ प्रस्तुत किया।”
इस अद्भुत दृश्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मुस्कुराते हुए तालियां बजाते रहे। यह दृश्य न सिर्फ भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का प्रतीक था, बल्कि भारत-जापान की गहरी दोस्ती की झलक भी प्रस्तुत कर रहा था।
मोदी ने साझा किया अनुभव
टोक्यो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, “टोक्यो पहुंच गया हूं। भारत और जापान अपने विकासात्मक सहयोग को मजबूत कर रहे हैं। मैं इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य लोगों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं। इससे मौजूदा साझेदारियों को और मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।”
पारंपरिक तरीके से स्वागत की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय ने भी उत्साह और परंपरागत अंदाज में स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गर्मजोशी से भरे माहौल ने इस स्वागत को खास बना दिया। मोदी ने इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और परंपराओं के वैश्विक महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय प्रवासी जहां भी जाते हैं, वहां अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहते हैं।
भारत-जापान साझेदारी पर गहन चर्चा
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार और निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों पर वार्ता करेंगे। इसके अलावा दोनों नेता भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों नेता वैश्विक शांति और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
पिछली मुलाकातें और भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मई 2023 में जापान का दौरा किया था। इसके अलावा, मोदी और इशिबा की मुलाकात 2024 में वियतनाम में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और जून 2025 में कनाडा के कनानास्किस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। इन बैठकों ने दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत किया।
मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते समीकरण और नए भू-राजनीतिक हालात चर्चा के केंद्र में हैं। भारत और जापान दोनों ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र, समावेशी और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोगी भूमिका निभा रहे हैं।
भारतीय समुदाय में उत्साह
जापान में बसे भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर गहरी उत्सुकता और उमंग दिखाई। टोक्यो में भारतीय मूल के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों के जरिए अपने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह अवसर भारत-जापान की सांस्कृतिक साझेदारी की भी मिसाल बना।