शोभना शर्मा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव नए मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयातित वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ लागू करने के बाद देशभर में इसके असर को लेकर बहस छिड़ी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से भारत के निर्यातकों को बड़ा झटका लग सकता है। वहीं, राजस्थान जैसे व्यापारिक और खनिज उत्पादन वाले राज्य पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने साफ कर दिया है कि राजस्थान पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
जोगाराम पटेल का बयान
बाड़मेर से भाजपा विधायक और राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की वजह से राजस्थान और भारत की अर्थव्यवस्था सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी कभी झुकेंगे नहीं। 50% अमेरिकी टैरिफ से भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे।”
पटेल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ जैसी पहल के कारण देश की कंपनियां अब विदेशी वस्तुओं पर निर्भर नहीं हैं। आज अधिकांश उत्पाद भारत में ही निर्मित हो रहे हैं, जिससे अमेरिकी टैरिफ का सीधा असर सीमित हो जाएगा।
मेक इन इंडिया पर भरोसा
कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि राजस्थान जैसे राज्य, जहां खनिज, मार्बल, हैंडीक्राफ्ट और कृषि उत्पादों का बड़ा निर्यात होता है, वे भी लंबे समय में आत्मनिर्भर भारत अभियान से लाभान्वित होंगे। उनका कहना है कि अमेरिकी दबाव से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि घरेलू विनिर्माण क्षमता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है।
बाजार में हलचल
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ से भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है। खासकर टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, मार्बल और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स जैसे सेक्टर, जिनका निर्यात अमेरिका में ज्यादा है, उन्हें निकट भविष्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। राजस्थान का बड़ा हिस्सा इन उद्योगों से जुड़ा है, इसलिए स्थानीय व्यापारी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
अमेरिका का नया आदेश कहता है कि भारत से आने वाले सभी उत्पादों पर अब 50% अतिरिक्त शुल्क लगेगा। इसका असर उन वस्तुओं पर भी होगा जो अमेरिकी बाजार में बिक्री के लिए पहले से मौजूद हैं या गोदामों में रखी गई हैं।
ट्रंप प्रशासन का कदम
यह विवाद तब और गहरा गया जब 30 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एलान किया था। अब यह दर सीधे 50% तक पहुंच गई है। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि भारत अपनी घरेलू नीतियों से अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा रहा है, इसलिए व्यापार संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
इस विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुलकर सामने आए। तीन दिन पहले गुजरात के अहमदाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, “चाहे कितना भी दबाव आए, हम उसका सामना करने की क्षमता बढ़ाते रहेंगे। आत्मनिर्भर भारत अभियान को गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों से विशेष ऊर्जा मिल रही है। दो दशकों की मेहनत ने हमें यह ताकत दी है।”
मोदी ने साफ किया कि भारत विदेशी दबाव में आकर अपनी नीतियां नहीं बदलेगा। बल्कि देश अपनी उत्पादन क्षमता और घरेलू बाजार को और मजबूत करेगा।
राजस्थान पर असर या नहीं?
राजस्थान पर अमेरिकी टैरिफ का सीधा असर उन क्षेत्रों में देखने को मिलेगा जहां निर्यात पर निर्भरता अधिक है। खासकर हैंडिक्राफ्ट, ज्वैलरी और मार्बल निर्यात करने वाले व्यापारी इससे प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन सरकार के अनुसार, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और नए निर्यात बाजार खोजने पर काम किया जा रहा है।
जोगाराम पटेल का मानना है कि भारत लंबे समय तक अमेरिका पर निर्भर नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि एशियाई और अफ्रीकी देशों में नए बाजार तलाशे जा रहे हैं। इससे राजस्थान के कारीगरों और उद्योगों को नई संभावनाएं मिलेंगी।


