मनीषा शर्मा,अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से हाल ही में जारी लेक्चरर भर्ती (आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी विभाग) में गड़बड़ियों का बड़ा मामला सामने आया है। आयोग ने 25 ऐसे उम्मीदवारों की पहचान की है, जिन्होंने बिना अनिवार्य योग्यता कई विषयों में आवेदन किया था।
25 संदिग्ध कैंडिडेट्स की सूची जारी
RPSC सचिव रामनिवास मेहता ने जानकारी दी कि इन संदिग्ध उम्मीदवारों ने एक से ज्यादा विषयों के लिए आवेदन किए थे। इनमें से—
3 उम्मीदवारों ने 8 अलग-अलग विषयों में आवेदन किया,
1 उम्मीदवार ने 5 विषयों में आवेदन किया,
2 उम्मीदवारों ने 3 विषयों में आवेदन किया,
और 19 उम्मीदवारों ने 2 विषयों में आवेदन कर दिया।
यानी कुल 25 उम्मीदवारों ने बिना आवश्यक योग्यता लिए अलग-अलग विषयों में कुल 73 आवेदन जमा कर दिए।
आयोग की सख्ती: 31 अगस्त तक आवेदन वापस लें
आयोग ने ऐसे उम्मीदवारों को अंतिम अवसर देते हुए 31 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन माध्यम से अपने आवेदन पत्र वापस लेने (Withdraw) का मौका दिया है। यदि कोई उम्मीदवार इस निर्धारित अवधि में आवेदन वापस नहीं लेता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियम और योग्यता का उल्लंघन
लेक्चरर भर्ती के लिए RPSC ने विज्ञापन 13 फरवरी 2025 को जारी किया था। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 20 फरवरी से 21 मार्च 2025 तक आमंत्रित किए गए थे।
इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता यह रखी गई थी—
भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से आयुर्वेद की डिग्री,
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम, 1970 के तहत मान्यता प्राप्त डिग्री,
संबंधित विषय/विशेषता में स्नातकोत्तर योग्यता।
इसके बावजूद कई उम्मीदवारों ने बिना योग्यता विभिन्न विषयों में आवेदन कर दिया।
आवेदन न वापस लेने पर होगी कार्रवाई
आयोग ने साफ कहा है कि जो उम्मीदवार अपने आवेदन समय रहते वापस नहीं लेंगे—
उन्हें भविष्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं से डिबार (निष्कासित) कर दिया जाएगा,
साथ ही उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 217 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इस सख्त रुख से आयोग ने साफ कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।
आयुष विभाग में 9 पदों के लिए भर्ती
इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आयुष विभाग में 8 विषयों के कुल 9 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इन विषयों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी शामिल हैं। आयोग ने इस भर्ती को लेकर स्पष्ट किया कि केवल वही उम्मीदवार पात्र होंगे, जिनके पास निर्धारित योग्यता होगी।
क्यों उठी शंका?
संदिग्ध उम्मीदवारों की संख्या सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि—
कुछ उम्मीदवार अधिक अवसर पाने के लिए योग्यता के बिना ही अलग-अलग विषयों में आवेदन कर रहे हैं।
इससे वास्तविक योग्य उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
आयोग का यह कदम भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 25 संदिग्ध उम्मीदवारों को आवेदन वापस लेने का आखिरी मौका दिया गया है। यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें न केवल भविष्य की परीक्षाओं से बाहर कर दिया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


