मनीषा शर्मा,अजमेर। अजमेर में गणेश चतुर्थी इस बार भी पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। सुबह से ही शहर के मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। खासकर आगरा गेट गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा है, जहां परंपरागत रूप से इस वर्ष भी 2100 सुपारी से विशेष पूजन किया जाएगा। यह आयोजन मंदिर की अनूठी परंपरा और ऐतिहासिक महत्व को और भी खास बनाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व अजमेर के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। शहरभर में सैकड़ों पंडाल सजाए गए हैं, जिनमें सुबह से पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो चुका है।
आगरा गेट गणेश मंदिर: 527 साल पुरानी परंपरा
अजमेर का आगरा गेट गणेश मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। यह मंदिर 527 साल पुराना है और यहां हर वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष आयोजन होता है। इस बार मंदिर में 2100 सुपारी से विशेष पूजन का आयोजन किया जा रहा है। सुपारी को हिंदू धर्म में शुभता और मंगल कार्यों का प्रतीक माना जाता है। पूजन से पहले सुपारी का दर्शन कराया गया और उसकी महत्ता बताई गई। इसके बाद गणपति बप्पा का जल और केसर से अभिषेक तथा गंगाजल से स्नान कराया गया। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया है। मंदिर के शिखर पर चांदी के झंडे चढ़ाए गए, जो आस्था और भक्ति का प्रतीक हैं। भक्तों ने भगवान गणेश को नए वस्त्र पहनाकर पूजा अर्पित की।
300 से अधिक पंडालों में गणेश महोत्सव की शुरुआत
अजमेर शहर में गणेश चतुर्थी के मौके पर 300 से अधिक पंडाल सजाए गए हैं। हर पंडाल में गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सुबह से ही भक्त इन पंडालों में पहुंचकर बप्पा के दर्शन कर रहे हैं। दोपहर 12 बजे मंदिरों और पंडालों में जन्मोत्सव की आरती होगी। ढोल-नगाड़ों और बाजों की गूंज के बीच भक्त बप्पा का स्वागत करेंगे। रात को भजन संध्याओं और जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
2.5 लाख लड्डू और मोदक का भोग
गणेश चतुर्थी के अवसर पर अजमेर की मिठाई की दुकानों पर भी खास रौनक देखने को मिल रही है। इस अवसर पर शहर के 300 से अधिक दुकानों पर करीब 2.5 लाख लड्डू और मोदक तैयार किए गए हैं। भक्त इन लड्डुओं और मोदक को खरीदकर घर और मंदिरों में भोग के लिए ले जा रहे हैं। बाजारों में खासतौर पर केसर, चॉकलेट, नारियल और पिस्ता फ्लेवर के मोदक बिक रहे हैं। दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। भोपो का बाड़ा स्थित श्री रिद्धि सिद्धि गणेश मंदिर और अन्य प्रमुख मंदिरों में भी गजानन सरकार को इन लड्डुओं और मोदक का भोग लगाया जाएगा।
भक्तों की उमड़ी भीड़ और आस्था का माहौल
गणेश चतुर्थी के अवसर पर अजमेर का माहौल पूरी तरह भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया है। भक्त सुबह से ही मंदिरों में कतारबद्ध होकर दर्शन कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी उत्साह के साथ इस पर्व में भाग ले रहे हैं। विशेष रूप से आगरा गेट गणेश मंदिर में भीड़ का आलम यह है कि मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गणेश चतुर्थी का धार्मिक और सामाजिक महत्व
गणेश चतुर्थी न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। अजमेर जैसे धार्मिक नगर में यह पर्व हर वर्ष हजारों लोगों को एकजुट करता है। लोग मानते हैं कि गणपति बप्पा की पूजा से घर और परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इसी विश्वास के साथ हर वर्ष भक्त बप्पा का स्वागत करते हैं और दस दिनों तक गणेश महोत्सव का आयोजन करते हैं।


