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जयपुर डेयरी ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाया, 2.20 लाख पशुपालकों को सीधा फायदा

जयपुर डेयरी ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाया, 2.20 लाख पशुपालकों को सीधा फायदा

मनीषा शर्मा।  राजस्थान में दूध उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने एक बड़ा निर्णय लिया है। डेयरी प्रशासन ने दुग्ध उत्पादकों से दूध खरीद मूल्य में 25 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी की है। यह आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और इसका सीधा फायदा जयपुर और दौसा जिले के करीब 2.20 लाख से ज्यादा पशुपालकों को मिलेगा। जयपुर डेयरी के इस फैसले से पशुपालकों को उनके दूध का अधिक मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। खास बात यह है कि राज्य सरकार और डेयरी प्रशासन पहले से ही दुग्ध उत्पादकों को बोनस और अनुदान राशि उपलब्ध कराते हैं।

नया दूध खरीद मूल्य

अभी तक जयपुर डेयरी पंजीकृत पशुपालकों से दूध 850 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की दर से खरीद रही थी। लेकिन 1 सितंबर से यह दर बढ़ाकर 875 रुपये प्रति किलोग्राम फैट कर दी जाएगी। इसके अलावा, दुग्ध उत्पादकों को 7 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त अनुदान राशि भी अलग से मिलती रहेगी। इसमें से 2 रुपये डेयरी बोनस और 5 रुपये मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत दिए जाते हैं। इस तरह, बढ़ोतरी के बाद पशुपालकों को दूध का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

6 माह में चौथी बार दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी

जयपुर डेयरी ने बीते छह महीनों में दूध खरीद मूल्य में यह चौथी बढ़ोतरी की है।

  • मार्च 2025 के अंत में पहली बार 50 रुपये प्रति किलोग्राम फैट बढ़ाया गया।

  • इसके बाद 30 अप्रैल को 25 रुपये का इजाफा किया गया।

  • फिर 10 जुलाई को 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई।

  • अब अगस्त के अंत में चौथी बार 25 रुपये प्रति किलोग्राम फैट बढ़ाया गया है।

लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ दुग्ध उत्पादकों को मिल रहा है।

2.20 लाख से ज्यादा पशुपालकों को फायदा

जयपुर और दौसा जिले में दूध उत्पादन व्यापक स्तर पर होता है। यहां करीब 3500 रजिस्टर्ड डेयरी कॉपरेटिव सोसायटियां सक्रिय हैं। इन सोसायटियों से 2.20 लाख से ज्यादा पशुपालक जुड़े हुए हैं, जो प्रतिदिन दूध उत्पादन कर सीधे जयपुर डेयरी को बेचते हैं। खरीद मूल्य में इजाफा होने से अब इन पशुपालकों को सीधा आर्थिक फायदा होगा। यह बढ़ोतरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी, क्योंकि अधिकांश पशुपालक दूध उत्पादन को अपनी आय का मुख्य स्रोत मानते हैं।

दूध की खुदरा कीमतों में भी इजाफा

इस बढ़ोतरी से एक दिन पहले यानी 24 अगस्त 2025 को जयपुर डेयरी प्रशासन ने सरस दूध की खुदरा कीमतों में भी बदलाव किया था। दूध की सभी वैराइटी पर 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया। यह नई दरें 25 अगस्त की शाम से लागू हो गईं। यानी एक तरफ उपभोक्ताओं को दूध महंगा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर पशुपालकों को दूध का ज्यादा मूल्य मिलने लगा है। इससे उत्पादन और उपभोग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।

दूध खरीद मूल्य बढ़ाने के पीछे की वजह

राजस्थान में दुग्ध उत्पादन हमेशा से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ रहा है। लेकिन पशुपालन लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

  • पशु आहार और चारे की कीमतों में वृद्धि

  • पशुओं की देखरेख और स्वास्थ्य पर होने वाला अतिरिक्त खर्च

  • बाजार में दूध की मांग का लगातार बढ़ना

इन सब कारणों से डेयरी प्रशासन को दूध खरीद मूल्य में बार-बार बढ़ोतरी करनी पड़ी है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर

जयपुर डेयरी के इस कदम से पशुपालकों को अतिरिक्त आमदनी होगी। यह पैसा सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में घूमेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। साथ ही, यह बढ़ोतरी दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देगी और पशुपालक अधिक संख्या में पशु पालने के लिए प्रेरित होंगे।

भविष्य की संभावनाएं

जयपुर डेयरी का यह निर्णय संकेत देता है कि आने वाले समय में दूध उत्पादन और मूल्य निर्धारण दोनों में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि पशुपालकों को लगातार उचित मूल्य मिलता रहा, तो राजस्थान देश के दुग्ध उत्पादन में और अधिक योगदान देगा।

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