मनीषा शर्मा, अजमेर । शहर के अलवर गेट क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां गुर्जर बस्ती इलाके से गुजरने वाले आनासागर एस्केप चैनल (नाला) में एक दिव्यांग युवक गिर गया। घटना का पता तब चला जब शाम करीब सात बजे स्थानीय लोगों ने नाले के किनारे उसके कृत्रिम पैर और बैसाखी पड़ी हुई देखी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए।
हादसे की जानकारी ऐसे मिली
गुर्जर बस्ती क्षेत्र के सुखाड़िया उद्यान के पास स्थित इस नाले के किनारे जब कृत्रिम पैर और बैसाखी मिली, तो लोगों को आशंका हुई कि यह दिव्यांग युवक मनोज की हो सकती है। मनोज उसी इलाके में रहता था और क्षेत्र में सभी लोग उसे जानते थे। वस्तुएं मिलने के बाद कयास लगाए जाने लगे कि वह नाले में गिर गया होगा। लोग नाले में झांक-झांककर देखने लगे, लेकिन कहीं भी उसका पता नहीं चला।
पार्षद दंपती मौके पर पहुंचे
स्थानीय लोगों ने तुरंत क्षेत्र की पार्षद चंचल बेरवाल और उनके पति निर्मल बेरवाल को सूचना दी। दोनों तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पुलिस और सिविल डिफेंस को बुलवाया। थोड़ी ही देर में अलवर गेट थाना पुलिस का दल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति को समझते हुए सिविल डिफेंस टीम को खोजबीन शुरू करने के निर्देश दिए।
SDRF को बुलाया गया
नाले में मनोज का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) को भी मौके पर बुलवाया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तलाश शुरू की। अंधेरा और नाले में बहते पानी की तेज रफ्तार के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। रातभर तलाशी अभियान जारी रहा, लेकिन अभी तक युवक का पता नहीं चल पाया।
राखी पर अजमेर आया था दिव्यांग मनोज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पार्षद चंचल बेरवाल के पति निर्मल बेरवाल ने बताया कि मनोज मूल रूप से अजमेर का ही रहने वाला है, लेकिन काम के सिलसिले में जयपुर में नौकरी करता है। राखी के त्यौहार पर वह परिवार से मिलने अजमेर आया हुआ था और कुछ दिनों से यहीं रह रहा था। उन्होंने बताया कि शाम को टहलते वक्त संभवत: संतुलन बिगड़ने से वह आनासागर एस्केप चैनल में गिर गया।
इलाके में दहशत और चिंता
इस हादसे की खबर फैलते ही इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बन गया। आसपास के लोग घटना स्थल पर जुटकर मनोज को ढूंढ़ने में लगे रहे। लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। सभी को उम्मीद थी कि एसडीआरएफ की टीम जल्द ही मनोज को ढूंढ़ निकालेगी।
स्थानीय लोग कर रहे दुआएं
मनोज को जानने वाले और स्थानीय निवासी लगातार घटनास्थल के पास मौजूद रहे। लोग उसकी सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। वहीं पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि खोजबीन लगातार जारी है।
प्रशासन की सतर्कता
हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी अलर्ट जारी किया गया है। आनासागर एस्केप चैनल के किनारों पर एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। यह नाला शहर के कई हिस्सों से होकर गुजरता है और बरसात के मौसम में इसमें पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है।
नतीजा अभी बाकी
शनिवार सुबह तक भी मनोज का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिस और एसडीआरएफ टीमें लगातार तलाशी में जुटी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जब तक दिव्यांग युवक का पता नहीं लग जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा।


