मनीषा शर्मा, अजमेर । अयोध्या की पावन धरती पर मंगलवार को 73वें प्रभु झूलेलाल महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संत साई नितिन राम और सिंधु सेवा समिति (रजि.) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमृत राजपाल ने प्रभु झूलेलाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलन के साथ महोत्सव की शुरुआत की। इस मौके पर प्रभु झूलेलाल की आरती भी की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देवनानी का स्वागत शॉल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ और पाखर भेंट कर किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान स्नातक और परास्नातक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सिंधी समाज की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही और माहौल में सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
देवनानी का संबोधन: संस्कृति और समाज की शक्ति
अपने संबोधन में वासुदेव देवनानी ने अयोध्या को केवल एक नगर नहीं बल्कि मर्यादा और अध्यात्म की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने सत्य, त्याग और मर्यादा का संदेश दिया, वहीं प्रभु झूलेलाल ने समाज को साहस, न्याय और एकता की राह दिखाई। इन दोनों आदर्शों ने भारतीय संस्कृति को गहरी दिशा प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि सिंधी समाज ने विभाजन का दर्द सहा, लेकिन अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर रखा। आज भी सिंधी समाज पूरे भारत और विश्व में अपनी मेहनत, संस्कार और सेवा की पहचान के लिए सम्मानित है। देवनानी ने यह भी कहा कि यह महोत्सव हमें याद दिलाता है कि ज्ञान हमारा सबसे बड़ा हथियार है, संस्कृति हमारी पहचान है और समाज सेवा हमारी सबसे बड़ी शक्ति।
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अयोध्या प्रवास के दौरान भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भी दर्शन किए। उन्होंने मंदिर की भव्यता और प्रगति का अवलोकन किया और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से मंदिर परिसर के विकास कार्यों की जानकारी ली। देवनानी ने इसे भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर विश्व के लिए भारत की सनातन संस्कृति और मूल्यों का प्रेरणास्रोत रहेगा।
चंपतराय से मुलाकात और चर्चा
अयोध्या प्रवास के दौरान देवनानी ने कारसेवकपुरम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में मंदिर निर्माण की प्रगति, प्रशासनिक प्रबंधन और अयोध्या को एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। चंपतराय ने मंदिर परिसर के विकास और आगामी प्राण प्रतिष्ठा समारोह संबंधी योजनाओं की जानकारी साझा की।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात
अपने अयोध्या प्रवास से पहले वासुदेव देवनानी ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और अपनी पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ तथा राजभवन पर आधारित पुस्तक ‘हमारा राजभवन’ की प्रति भेंट की।
इसके अलावा देवनानी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से भी भेंट की। इस दौरान उन्होंने यूपी विधानसभा भवन, विधान परिषद भवन और डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। दोनों नेताओं ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश की विधायी परंपराओं, गौरवशाली इतिहास और कार्य प्रणालियों पर चर्चा की। देवनानी ने इस अवसर पर महाना को राष्ट्र सेविका मां अहिल्याबाई होलकर पर आधारित पुस्तक भेंट की।
झूलेलाल का संदेश और वर्तमान समय की प्रासंगिकता
देवनानी ने अपने संबोधन में कहा कि आज जब पूरी दुनिया हिंसा और तनाव से जूझ रही है, तब प्रभु झूलेलाल का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है। झूलेलाल ने हमेशा सत्य पर टिके रहने, न्याय का साथ देने और सभी को समान मानने की शिक्षा दी। यही संदेश समाज को एकजुट करने और विश्व में शांति स्थापित करने का आधार बन सकता है।


