शोभना शर्मा, अजमेर । साल 2025 में गणेश चतुर्थी का पर्व बेहद खास होने वाला है। इस बार गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी और यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी 27 साल बाद सर्वार्थ सिद्धि योग और सिद्ध योग में आ रही है। ऐसा अद्भुत संयोग हर बार नहीं बनता। इस शुभ अवसर पर बुधवार का दिन होने से इसकी महत्ता और भी बढ़ गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस योग में किए गए पूजन और व्रत का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
अजमेर में उमड़ेगा गणेशोत्सव का उत्साह
गणेश चतुर्थी पर अजमेर शहर में धार्मिक उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यहां 500 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। हर वार्ड और मोहल्ले में गणेश पंडाल सजाए जा रहे हैं। समितियों ने सजावट और व्यवस्थाओं की तैयारियां पूरी गति से शुरू कर दी हैं। इस बार गणेश पंडालों में भक्तों को विघ्नहर्ता गणेश अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे। कहीं मुंबई के काला बाग के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक का रूप देखने को मिलेगा तो कहीं स्कूटर पर सवार मूषक वाहन के साथ गणेश जी की झलक। कमल के फूल पर विराजमान गणेश जी, शानदार ताज से सजे गणेश जी और टोपी (कैप) पहने गणपति बप्पा इस बार भक्तों को भक्ति और आनंद का अनूठा अनुभव कराएंगे।
मूर्तिकारों की व्यस्तता चरम पर
गणेश चतुर्थी के आते ही मूर्तिकारों का काम चरम पर पहुंच जाता है। अजमेर के मूर्तिकार भेरू बताते हैं कि वे पिछले 17 साल से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं और इस बार उन्हें छोटे-बड़े प्रतिमाओं के बड़े ऑर्डर मिले हैं। खासकर 10 से 12 फीट ऊंचाई की गणेश प्रतिमाओं की मांग अधिक है। उन्होंने कहा कि मूर्तियों का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग व रंग-रोगन का काम चल रहा है। भेरू ने बताया कि प्रतिमा निर्माण का कार्य होली के बाद ही शुरू हो जाता है। इसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस, नारियल की जूट और रंग-बिरंगे प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। दिलचस्प बात यह है कि इस काम में उनका पूरा परिवार योगदान देता है और हर सदस्य किसी न किसी हिस्से में हाथ बंटाता है।
समितियों ने शुरू की तैयारियां
गणेशोत्सव समितियों ने पंडालों की सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा लगभग तय कर ली है। टेंट, बैंड और डीजे की अग्रिम बुकिंग पहले ही कर ली गई है। कई समितियां इस बार भी भव्य झांकियां प्रस्तुत करने वाली हैं, जिनमें गणेश लीला, शिव परिवार और रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ गणेशोत्सव अजमेर में सामूहिक उत्सव और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर भजन संध्याएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
दूर-दराज से खरीदी जा रही प्रतिमाएं
गणेश चतुर्थी का आकर्षण केवल अजमेर तक सीमित नहीं है। आसपास के जिलों और गांवों से भी लोग यहां आकर गणेश प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। छोटा खाटू से 100 किलोमीटर का सफर तय कर आए मनसुख ने बताया कि वे हर साल यहीं से मूर्ति खरीदते हैं क्योंकि यहां उनकी मनचाही प्रतिमाएं आसानी से मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी उन्होंने अपने मोहल्ले के गणेशोत्सव के लिए खास मूर्ति बुक कराई है।
विशेष संयोग से बढ़ी महत्ता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग और सिद्ध योग में किया गया पूजन विशेष फलदायी माना जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी पर ऐसा संयोग 27 साल बाद बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। भक्तों के लिए यह अवसर बेहद खास है और यही कारण है कि अजमेर ही नहीं, पूरे राजस्थान में इस बार गणेशोत्सव का जश्न पहले से ज्यादा भव्य और अद्वितीय होने जा रहा है।


