मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक चले विरोध-प्रदर्शन और धरना आंदोलन के बीच आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बीजेपी और राज्य सरकार पर तीखे वार किए। बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधा निशाने पर लिया और कहा कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर लंबे समय तक टिकने वाले नहीं हैं। उन्होंने उन्हें “कुछ दिनों के मेहमान” बताते हुए दावा किया कि उन्हें पता ही नहीं है कि “सीएम शिप” कैसे चलाई जाती है। इतना ही नहीं, बेनीवाल ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर भी करारा कटाक्ष किया और कहा कि आज दिल्ली के नेता भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते।
मदन राठौड़ पर बेनीवाल का सीधा वार
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व ने राजस्थान में गलत फैसले लिए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- “मदन राठौड़ को प्रदेशाध्यक्ष बना दिया गया है, लेकिन उनकी बातों में दम नहीं है। वे पहले खुद बीजेपी के खिलाफ खड़े हो गए थे और सौदेबाजी कर नामांकन वापस लिया था। अब उनकी निष्ठा पर कौन भरोसा करेगा? दिल्ली तक उनके बयानों को कोई सीरियस नहीं ले रहा।” बेनीवाल का यह बयान साफ इशारा करता है कि प्रदेश बीजेपी संगठन के फैसलों से पार्टी के भीतर और बाहर असंतोष गहराता जा रहा है।
भजनलाल शर्मा को लेकर कड़ा बयान
सांसद बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर और भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि राजस्थान को ऐसा मुख्यमंत्री मिलेगा। बेनीवाल बोले- “जो नेता बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर खुद को सीएम का दावेदार बता रहे थे, वे आज भजनलाल के दरवाजे पर खड़े रहकर मिलने का समय मांगते हैं। यह उनके लिए बड़ा अपमान है।” बेनीवाल ने यहां तक कह दिया कि बीजेपी के कई नेताओं को अब राजनीति छोड़ देनी चाहिए क्योंकि जनता ने उनकी असलियत पहचान ली है।
प्रदूषित पानी से 70 गांव प्रभावित, बेनीवाल का बड़ा आंदोलन
सांसद बेनीवाल का यह हमला केवल राजनीतिक तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पर्यावरण और ग्रामीणों की समस्याओं को भी सरकार के खिलाफ हथियार बनाया। उन्होंने कहा कि जोधपुर की फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक दूषित पानी पिछले 16 सालों से जोजरी नदी के रास्ते बालोतरा जिले के 60 से 70 गांवों तक पहुंच रहा है। इस प्रदूषण ने न केवल किसानों की जमीन को बंजर बना दिया है बल्कि बच्चों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाला है। कैंसर जैसी घातक बीमारियां पनप रही हैं और हजारों लोगों का जीवन संकट में है।
जोजरी नदी बचाओ रैली और रातभर का धरना
इसी मुद्दे को लेकर रविवार रात को बेनीवाल ने डोली गांव से “जोजरी नदी बचाओ रैली” की अगुवाई की। वे रात 3 बजे हजारों समर्थकों के साथ बालोतरा कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। देर रात तक चली वार्ता के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। कलेक्टर सुशील कुमार यादव और एसपी रमेश कुमार ने रालोपा नेताओं से बातचीत की और उनकी मांगों पर सहमति बनाई। तय हुआ कि फिलहाल दूषित पानी की आवक तुरंत रोकी जाएगी और स्थायी समाधान के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इस आश्वासन के बाद सुबह साढ़े तीन बजे बेनीवाल ने अपना धरना समाप्त किया।
बेनीवाल का व्यक्तिगत आरोप
बेनीवाल ने मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी बिजली का कनेक्शन चोरी-छिपे काट दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इशारे पर हुआ। बेनीवाल ने यहां तक कहा कि उन्होंने कई मंत्रियों का बिजली बिल खुद भरवाया, लेकिन सरकार ने उन्हें अपमानित करने का काम किया।
मंत्री केके विश्नोई पर तंज
मंत्री केके विश्नोई के बयान पर भी बेनीवाल ने पलटवार किया। विश्नोई ने कहा था कि जब मुख्यमंत्री गिरिराज पर्वत जाते हैं तो बारिश होती है। इस पर बेनीवाल ने चुटकी ली और कहा कि मंत्री जी को तो पहले ही मंत्री पद के साथ सबकुछ मिल गया है, इसलिए वे ऐसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब 15 अगस्त को पूरी सरकार जोधपुर आई थी तब क्यों बारिश नहीं हुई? तब सरकार को प्रदूषित पानी की समस्या पर घोषणा करनी चाहिए थी।
कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर हमला
बेनीवाल ने केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों और पेपर लीक में दोनों पार्टियों की मिलीभगत रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सुरक्षा गार्ड और उसका बेटा फर्जीवाड़े में पकड़े गए। इससे पहले भी कई नेताओं के नाम भर्ती घोटालों में सामने आ चुके हैं। बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भी तंज कसा और कहा कि वे कभी जाट बहू तो कभी राजपूत बेटी बनकर वोट लेती थीं, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है।


