शोभना शर्मा। राजस्थान का ऐतिहासिक और गौरवशाली चित्तौड़गढ़ किला इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के साथ जुड़े लंबे वीकेंड के दौरान यहां लोगों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि किला परिसर से लेकर किला रोड तक हर जगह भीड़ ही भीड़ नजर आई। शनिवार को सुबह से शाम तक हजारों पर्यटक चित्तौड़गढ़ किले को देखने पहुंचे, जिसके कारण ट्रैफिक जाम, मोबाइल नेटवर्क ठप और अव्यवस्था जैसी स्थिति बन गई।
लंबी लाइन और सड़क पर जाम
किले पर जाने वाले रास्तों पर सुबह से ही वाहनों की कतारें लग गईं। किले तक पहुंचने के लिए नीचे किला रोड स्थित लाइब्रेरी तक गाड़ियों का लंबा जाम देखने को मिला। कई पर्यटक घंटों तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह इंतजार और भी मुश्किल साबित हुआ। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा।
मोबाइल नेटवर्क हुआ ठप
पर्यटकों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हो गया। कॉल लगाना मुश्किल हो गया और इंटरनेट सेवाएं लगभग ठप हो गईं। कई लोग अपने परिवार और दोस्तों से संपर्क नहीं कर पाए, जिससे पर्यटकों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी।
छुट्टियों का असर, देशभर से पहुंचे लोग
इस अप्रत्याशित भीड़ का बड़ा कारण 15 अगस्त का अवकाश और उसके बाद दो दिन का वीकेंड था। लंबी छुट्टी का फायदा उठाकर पर्यटक देश के विभिन्न हिस्सों से चित्तौड़गढ़ पहुंचे। गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में परिवार और ग्रुप के ग्रुप यहां घूमने आए। बच्चों और युवाओं में ऐतिहासिक स्थलों को देखने का उत्साह साफ नजर आया।
स्थानीय लोगों की भीड़ भी बढ़ी
बरसात के मौसम में किले और उसके आस-पास की जगहें हरियाली से भर उठी हैं। चारों ओर फैली हरियाली, ठंडी हवा और मनमोहक नजारे पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बने। यही कारण रहा कि चित्तौड़गढ़ शहर और आसपास के इलाकों के स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में किले की ओर पहुंचे।
पर्यटन से जुड़े लोगों की कमाई में बढ़ोतरी
किले में आई भीड़ पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए भी खुशखबरी लेकर आई। गाइड, फोटोग्राफर, घोड़े की सवारी कराने वाले और खाने-पीने की स्टॉल लगाने वालों की कमाई में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई। गाइडों ने पर्यटकों को ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी दी, फोटोग्राफरों ने उनके खूबसूरत पलों को कैमरे में कैद किया और खाने-पीने की दुकानों पर भीड़ लगी रही।
उमस और अव्यवस्था से परेशान हुए पर्यटक
हालांकि भीड़ से कुछ लोगों की कमाई बढ़ी, लेकिन बहुत से पर्यटक ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था के कारण परेशान भी हुए। खासकर वे लोग जिनके पास घूमने के लिए समय कम था, किले का आनंद पूरी तरह से नहीं ले पाए। उमस और भीड़ ने परेशानी को और बढ़ा दिया। कई लोगों ने थकान और गर्मी से जूझते हुए जल्दी वापस लौटना बेहतर समझा।
ऐतिहासिक धरोहरों ने मन मोह लिया
भीड़ और असुविधाओं के बावजूद चित्तौड़गढ़ किले की भव्यता और सुंदरता ने पर्यटकों का मन मोह लिया। कुम्भा पैलेस, विजय स्तम्भ, पद्मिनी महल, सूरजपोल और म्यूजियम जैसे ऐतिहासिक स्थल आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। किले के व्यू प्वाइंट से दिखाई देने वाले नजारे पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बने। खासकर किले की ऊंचाई से शहर का नजारा देखने के लिए लंबी कतारें लगीं।
वैकल्पिक रास्ते की मांग
इतनी बड़ी संख्या में आए पर्यटकों को देखते हुए अब स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने किले तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है, ऐसे में भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।


