मनीषा शर्मा। राजस्थान के सवाई माधोपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार सिर्फ देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ही यादगार नहीं रहा, बल्कि डूंगरी बांध को लेकर शुरू हुई सियासी बहस के लिए भी सुर्खियों में आ गया। जिले के विधायक और राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस मौके पर विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और डूंगरी बांध से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया।
सुबह पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में डॉ. मीणा ने ध्वजारोहण के बाद पुलिस परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और समारोह में मौजूद विद्यार्थियों के उत्साह को सराहा। लगभग 1450 स्कूली बच्चों ने सामूहिक व्यायाम प्रदर्शन और देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित विशेष नृत्य ने लोगों का खास ध्यान खींचा।
डूंगरी बांध विवाद पर किरोड़ी लाल मीणा की तीखी प्रतिक्रिया
भाषण के दौरान डॉ. मीणा ने पहले देश की तरक्की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विकास पथ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ देश को नई दिशा मिल रही है। लेकिन भाषण के अंतिम हिस्से में उन्होंने सीधे डूंगरी बांध के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर जनता को गुमराह कर रहा है। विपक्षी दलों द्वारा 76 गांवों के विस्थापित होने की बात को उन्होंने पूरी तरह झूठ करार दिया और स्पष्ट किया कि वास्तव में केवल 7 गांव ही इस बांध परियोजना से प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों के निवासियों को उचित मुआवजा और पुनर्वास के लिए बेहतर जगह दी जाएगी ताकि किसी को भी अन्याय का सामना न करना पड़े।
ERCP परियोजना का जिक्र
डॉ. मीणा ने अपने भाषण में ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) का भी जिक्र किया और कहा कि इसकी नींव पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रखी थी। उन्होंने कहा कि यह योजना पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनरेखा साबित होगी और राज्य सरकार इसके शीघ्र क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, डूंगरी बांध जैसी परियोजनाएं न सिर्फ सिंचाई की समस्या का समाधान करेंगी बल्कि हजारों किसानों की जिंदगी बदल देंगी।
महापंचायत के बाद बढ़ा विवाद
डूंगरी बांध को लेकर सियासी तनाव तब बढ़ा जब हाल ही में प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में भजनलाल शर्मा सरकार पर आरोप लगाया गया कि यह बांध किसानों की जमीन छीनकर बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार 13 जिलों को पानी देने के नाम पर करौली और सवाई माधोपुर के बड़े हिस्से को डुबोने की योजना बना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापंचायत में गुंजल ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम भी दिया था, जिससे इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया। इसी पृष्ठभूमि में किरोड़ी लाल मीणा का बयान आया है, जिसने इस बहस को नई दिशा दी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बोले मीणा
सिर्फ बांध विवाद ही नहीं, डॉ. मीणा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर आतंकियों के ठिकानों को लाहौर तक निशाना बनाया था। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीर को चेतावनी देते हुए कहा, “उसे समझना चाहिए कि यह नया भारत है, जो घर में घुसकर मारने की क्षमता रखता है।”
सम्मान और उपस्थिति
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 47 लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। पूरे आयोजन में देशभक्ति का माहौल बना रहा, लेकिन डूंगरी बांध पर दिए गए मंत्री के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।


