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जयपुर हेरिटेज निगम में बीट प्रणाली लागू

जयपुर हेरिटेज निगम में बीट प्रणाली लागू

शोभना शर्मा । जयपुर नगर निगम हेरिटेज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर की सड़कों और गलियों को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से अब निगम वार्डों में बीट प्रणाली लागू करेगा। इसके तहत हर 500 मीटर के दायरे में एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी, जो अपने क्षेत्र की सफाई के लिए जिम्मेदार होगा। यदि उसके क्षेत्र में गंदगी पाई जाती है, तो सीधे उस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने बुधवार, 13 अगस्त को जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में सफाई व्यवस्था पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में स्मार्ट सिटी अधिकारियों, नगर निगम के अधिकारियों और डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था संभाल रही कंपनी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य था – कचरा संग्रहण की मौजूदा व्यवस्था में खामियों को दूर कर इसे 100 प्रतिशत प्रभावी बनाना।

कचरा संग्रहण व्यवस्था को 100% तक पहुंचाने का लक्ष्य

बैठक में आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में शहर में लगभग 80% कचरा संग्रहण कार्य हो रहा है, जबकि लक्ष्य है कि इसे पूरी तरह 100% तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निगम और संबंधित कंपनी को मिलकर काम करना होगा और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करनी होगी। गलियों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए अब बीट स्तर पर कर्मचारी तैनात होंगे ताकि किसी भी हिस्से को सफाई से वंचित न रहना पड़े।

ओपन कचरा डिपो होंगे बंद

आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक और स्वास्थ्य निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण करें और जहां-जहां ओपन कचरा डिपो हैं, उन्हें हटाया जाए। खुले में कचरा डंप करने से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि इससे बदबू, मच्छरों और संक्रमण की समस्या भी बढ़ती है। इसलिए ऐसे डिपो को हटाकर कचरा सीधे डोर टू डोर कलेक्शन और निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।

हूपर में हेल्पर की समस्या पर सख्ती

बैठक के दौरान निगम आयुक्त ने कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हूपर में हेल्पर की अनुपस्थिति की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका समाधान तुरंत निकाला जाना चाहिए। कई बार हेल्पर की कमी के कारण कचरा उठाने में देरी होती है, जिससे वार्डों में गंदगी फैल जाती है। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी वार्डों से समय पर कचरा उठाया जाए और हूपर वाहन पूरी टीम के साथ काम करें।

कैमरों से कचरा फैलाने वालों की पहचान

आयुक्त ने सभी जोन उपायुक्तों और स्वास्थ्य उपायुक्तों को निर्देश दिए कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों और बाजारों में मौजूद निजी कैमरों की मदद से उन लोगों की पहचान की जाए जो सड़क या खाली जगह पर कचरा फेंकते हैं। ऐसे लोगों पर चालान की कार्रवाई तेजी से की जाएगी ताकि दूसरे लोग भी सबक लें और गंदगी फैलाने से बचें।

देर रात तक खुली दुकानों पर भी निगरानी

बैठक में यह भी तय किया गया कि देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। अक्सर देर रात तक खुले रहने वाली दुकानों के आसपास कचरे का ढेर लग जाता है, जिसे समय पर साफ नहीं किया जाता। आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें अपने कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी खुद लेने के लिए बाध्य किया जाए।

जनता की भागीदारी भी जरूरी

निगम आयुक्त ने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने के लिए केवल निगम या सफाईकर्मी ही नहीं, बल्कि शहर के नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की कि लोग कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, खुले में न फेंकें और डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहनों का नियमित उपयोग करें। साथ ही, सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग देना होगा।

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