मनीषा शर्मा । अजमेर में मंगलवार को हर घर तिरंगा अभियान के तहत नगर निगम की ओर से रीजनल न्यू चौपाटी पर तिरंगा मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और आम नागरिकों की उपस्थिति रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करना था, बल्कि देश में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देना भी था।
इस अवसर पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत का भविष्य स्वदेशी में निहित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम भारतीय लोग विदेशी वस्तुओं के बजाय स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने लगें, तो कोई भी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीति या टैरिफ भारत की प्रगति को प्रभावित नहीं कर सकती। उनका कहना था कि हाल ही में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया है, लेकिन इसका सही जवाब यही है कि हम सभी भारतीय और स्वदेशी चीजों का उपयोग करें। यदि ऐसा किया गया तो भले ही टैरिफ 50% से 100% तक क्यों न बढ़ा दिया जाए, भारत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
देवनानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हर घर तिरंगा” अभियान की सराहना की और कहा कि तिरंगा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि यह हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। यह वही ध्वज है जिसके लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कहीं भी तिरंगा मिले तो उसे सम्मानपूर्वक अपने घर या छत पर फहराएं, जिससे नई पीढ़ी में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो सके।
कार्यक्रम में स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। देवनानी ने बताया कि मेले में लगे स्टॉल्स पर विभिन्न जन-उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया, जो भारत में निर्मित हैं। इन स्टॉल्स का उद्देश्य लोगों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने कहा कि हमें छोटी-छोटी चीजों से शुरुआत करनी चाहिए, जैसे कि विदेशी टूथपेस्ट को भारतीय ब्रांड्स से बदलना। यह बदलाव न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि सरकारी कार्यालयों में भी किया जाना चाहिए।
स्पीकर ने गर्व से बताया कि भारतीय सेना ने पहलगाम में पाकिस्तान के खिलाफ जो अभियान चलाया, उसमें इस्तेमाल सभी हथियार स्वदेशी थे। यह भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना स्वदेशी हथियारों से दुश्मन को परास्त कर सकती है, तो हम नागरिक अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग क्यों नहीं कर सकते?
देवनानी ने अधिकारियों से भी अपील की कि वे सरकारी संस्थानों में विदेशी वस्तुओं का उपयोग बंद करें और पूरी तरह से भारतीय वस्तुओं को अपनाएं। उनका मानना है कि जब देश का हर नागरिक और हर संस्था स्वदेशी अपनाएगी, तभी भारत वास्तव में आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेगा।
इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत वाहन रैली का भी आयोजन किया गया। रैली की शुरुआत पुलिस लाइन ग्राउंड से हुई, जिसे जिला कलेक्टर लोक बंधु और एसपी वंदिता राणा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई न्यू चौपाटी पर संपन्न हुई। रैली का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रध्वज के महत्व और हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करना था।
अंत में, देवनानी ने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक मजबूती का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान का प्रतीक है। यदि हर भारतीय अपने जीवन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प ले ले, तो न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भारत विश्व में एक आत्मनिर्भर और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।