मनीषा शर्मा, अजमेर । अजमेर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर सोमवार को यूथ कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। दोपहर करीब 12 बजे कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ डाक बंगले से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। रैली में माहौल काफी जोशीला रहा, जहां कार्यकर्ता “भ्रष्टाचार बंद करो” और “स्मार्ट सिटी के नाम पर लूट बंद करो” जैसे नारे लगा रहे थे।
इस प्रदर्शन में किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक विकास चौधरी सहित कई स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी हिस्सा लिया। कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहले से बैरिकेड्स लगा रखे थे। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने इन्हें पार करने की कोशिश की और कुछ ने बैरिकेड्स पर चढ़कर भी विरोध जताया। माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं सड़क पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना था कि अजमेर में स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का दावा किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं। जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने कहा कि पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और जिला प्रशासन के मिलीभगत से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बुनियादी सुविधाओं की हालत बदतर है, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की जेबें भरने का काम जारी है।
किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी ने कहा कि अजमेर की स्थिति 20 साल पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल कागजों में विकास हुआ है, जबकि शहर की प्रमुख समस्याएं जस की तस हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आनासागर झील की सफाई तक नहीं की जा रही है, जबकि यह अजमेर का प्रमुख पर्यटन स्थल है और शहर की पहचान भी। चौधरी ने यह भी कहा कि शहर की सड़कों की हालत खराब है, नालियों और सीवरेज की सफाई नियमित रूप से नहीं हो रही, और लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को बाहर बुलाने और लिखित में आश्वासन देने की मांग की। हालांकि, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के कारण कलेक्टर प्रदर्शनकारियों के बीच नहीं आए। इसके चलते यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार और उच्च प्रशासन का ध्यान अजमेर में जारी विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की ओर दिलाना था। यूथ कांग्रेस का कहना है कि अगर जल्द ही भ्रष्टाचार की जांच शुरू नहीं हुई और विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो वे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
अजमेर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट 2015 में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत शुरू किया गया था, लेकिन अब तक के कार्यों को लेकर स्थानीय लोग और विपक्षी दल कई बार सवाल उठा चुके हैं। यूथ कांग्रेस का यह ताजा प्रदर्शन उन लगातार बढ़ते असंतोष और नाराजगी की कड़ी है, जो शहर की जमीनी हकीकत और कागजी रिपोर्ट्स के बीच मौजूद बड़े अंतर को उजागर करता है।


