सिरोहीlatest-newsराजस्थान

राजस्थान के सिरोही में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके

राजस्थान के सिरोही में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके

शोभना शर्मा।  राजस्थान में धरती के हिलने का सिलसिला एक बार फिर देखने को मिला है। दो दिन पहले प्रतापगढ़ जिले में भूकंप के झटके महसूस हुए थे और अब शनिवार रात सिरोही जिले में धरती कांपी। रात 9 बजकर 3 मिनट पर आए इस झटके ने माउंट आबू, गिरवर, आकराभट्टा और मानपुर समेत कई इलाकों में दहशत फैला दी। अचानक महसूस हुए तेज कंपन के कारण लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।

ब्रह्माकुमारीज संस्थान में भूकंप से हिलता पंखा

आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान में मौजूद अनुयायी भूपेंद्र भाई ने बताया कि, “करीब 9 बजकर 4 मिनट पर अचानक पूरी बिल्डिंग जोर से हिलने लगी। पंखे भी झूलने लगे और दीवारों में कंपन महसूस हुआ। हम सब तुरंत बाहर निकल आए। गनीमत रही कि झटका कुछ ही सेकंड का था, नहीं तो गंभीर स्थिति बन सकती थी।”
संस्थान के पीआरओ के कमरे में लगे पंखे का हिलना कैमरे में कैद हो गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।

एसडीएम ने राहत टीम को अलर्ट पर रखा

माउंट आबू की एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया ने बताया कि भूकंप के झटकों के बाद आपदा राहत और बचाव टीम को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


दो दिन पहले प्रतापगढ़ में भी हिली थी धरती


इससे पहले 7 अगस्त को प्रतापगढ़ जिले में सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई थी और इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था। झटकों के दौरान लोग दहशत में घरों और दुकानों से बाहर निकल आए थे।

30 दिनों में तीसरा झटका

पिछले 30 दिनों में यह तीसरी बार है जब राजस्थान में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले जयपुर, सीकर और झुंझुनूं समेत एनसीआर के कई इलाकों में झटके महसूस हुए थे। उस समय केंद्र हरियाणा के झज्जर में था और तीव्रता 4.4 दर्ज हुई थी।

बीकानेर में भी दर्ज हुआ था भूकंप

करीब पांच महीने पहले बीकानेर जिले के जसरासर इलाके में 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। हालांकि शनिवार को आए झटके कुछ ही सेकंड के रहे, लेकिन यह बात साफ है कि बार-बार धरती का हिलना राजस्थान के लिए चिंता और चेतावनी का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ना भूकंपीय गतिविधियों में वृद्धि का संकेत है और इसके लिए पहले से तैयारी जरूरी है।

लोगों में दहशत, प्रशासन सतर्क

सिरोही के माउंट आबू और आसपास के इलाकों में भूकंप के बाद लोग रातभर सतर्क रहे। कुछ परिवारों ने एहतियात के तौर पर रात घर के बाहर गुजारी। प्रशासन ने भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य, पुलिस और राहत विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

भूकंप से बचाव के उपायों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के समय घबराना नहीं चाहिए। खुले स्थान पर जाना, बिजली के उपकरणों और भारी वस्तुओं से दूर रहना, और सुरक्षित स्थानों का चुनाव करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, प्रशासनिक अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading