मनीषा शर्मा। जयपुर का हाथी गांव इस बार विश्व हाथी दिवस (World Elephant Day) को एक यादगार आयोजन के रूप में मनाने जा रहा है। 12 अगस्त 2025 को दोपहर 3 बजे यहां एक अनूठा फैशन शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक दर्जन से अधिक हाथी पारंपरिक शाही शृंगार और विशेष पोशाक के साथ रैंप वॉक करेंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यह आमजन के लिए पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग इस अद्भुत नजारे के साक्षी बन सकेंगे।
पारंपरिक शाही अंदाज़ में सजेंगे हाथी
हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू ने बताया कि इस फैशन शो का मुख्य उद्देश्य हाथियों से जुड़ी पारंपरिक कला और सांस्कृतिक धरोहर को लोगों के सामने प्रस्तुत करना है। हाथियों को प्राकृतिक रंगों से सजाया जाएगा, जो राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही एक शाही परंपरा है। इनके चेहरे और शरीर पर फूल, बेल-बूटे, धार्मिक चिह्न और राजसी प्रतीकों की विशेष चित्रकारी की जाएगी। बल्लू का कहना है कि यह शृंगार सिर्फ सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का प्रतीक है। आज भी कई कलाकार इस पारंपरिक कला को संजोए हुए हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
हथिनी चंदा बनेगी फैशन शो की शान
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा हथिनी चंदा की हो रही है, जो इस फैशन शो की खास प्रतिभागी होगी। चंदा को हस्तकला से तैयार एक विशेष झूल पहनाई जाएगी, जिस पर शेर, हिरण और मोर जैसे जीवों की कलात्मक कढ़ाई की गई है। इसके अलावा, चंदा को 62 किलो चांदी के आभूषण पहनाए जाएंगे, जो पांच पीढ़ी पहले जयपुर राजघराने की ओर से उसके पूर्वजों को उपहारस्वरूप मिले थे। इन आभूषणों में कंठा, माथे का गहना (श्री), पायजेब, कानों के आभूषण (कनगोजा) और पूंछ का गहना (धूमची) शामिल हैं।
एक दर्जन से अधिक हाथी करेंगे रैंप वॉक
12 अगस्त को आयोजित इस शो में चंदा के अलावा पुष्पा, बाबू, मारुति, राजकली, चमेली समेत लगभग 15 हाथी और हथिनी रैंप वॉक करेंगे। महावतों ने इस अवसर के लिए अपने-अपने हाथियों के लिए नए आभूषण और विशेष परिधान तैयार करवाए हैं। इस मौके पर रंगीन परिधान, चमचमाते गहने और कलात्मक सजावट हाथियों को किसी शाही दरबार के मेहमान जैसा रूप देंगे।
हाथी गांव – हाथियों का विशेष ठिकाना
जयपुर का हाथी गांव देश में अपनी तरह का इकलौता गांव है, जिसे खासतौर पर हाथियों के लिए बसाया गया है। यहां के लगभग हर परिवार का जीवन हाथियों से जुड़ा हुआ है। इन परिवारों का काम हाथियों की देखभाल करना, उन्हें सजाना और उनके खान-पान का ध्यान रखना है। यह गांव जयपुर के पर्यटन मानचित्र में एक विशेष स्थान रखता है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराता है।
सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व
यह फैशन शो न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोने का माध्यम है, बल्कि यह पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इस तरह के आयोजन से पर्यटक राजस्थान की पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प और लोकसंस्कृति से रूबरू होते हैं। इसके साथ ही, यह आयोजन हाथियों की देखभाल और उनके संरक्षण के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करता है।


