केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर दौरे के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में शेखावत ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को न केवल निराधार बताया, बल्कि यह भी कहा कि राहुल गांधी को भारत की चुनावी प्रक्रिया और संविधान में दिए गए प्रावधानों की सामान्य जानकारी भी नहीं है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा—“राहुल गांधी जेब में संविधान की किताब तो रखते हैं, लेकिन मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे इसे पढ़ें भी। केवल दिखावे के लिए संविधान की प्रति रखने से काम नहीं चलेगा, उसकी बुनियादी बातें समझना भी जरूरी है।”
वोटर लिस्ट में सुधार और संधारण की प्रक्रिया पर शेखावत का बयान
गजेंद्र सिंह शेखावत ने साफ किया कि देश में वोटर लिस्ट का सुधार (updation) और संधारण (maintenance) पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी मानकों का पालन किया जाता है, और किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को इसका मनमाना उपयोग करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आगे कहा—”वोटर लिस्ट में किसी व्यक्ति का गलत नाम जोड़ा जाना या घटाया जाना संभव है, लेकिन इसके लिए संविधान ने स्पष्ट समाधान दिए हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तीन स्तरों पर शिकायत कर सकता है—रिटर्निंग ऑफिसर, जिला कलेक्टर, या राज्य निर्वाचन आयोग के पास जाकर।”
“मीडिया में सनसनी फैलाने से समस्या का समाधान नहीं”
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को सीधी सलाह दी कि वे मीडिया में जाकर सनसनी फैलाने या झूठ उछालने के बजाय अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हो रही है, तो कांग्रेस कार्यकर्ता संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए शिकायत दर्ज करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में किसी भी शिकायत का निवारण कानूनी और संवैधानिक दायरे में ही होना चाहिए, न कि राजनीतिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप के जरिए।
राहुल गांधी के हालिया आरोप और राजनीतिक पृष्ठभूमि
राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर यह आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल के पक्ष में गड़बड़ी की गई और वोटर लिस्ट में धांधली हुई। उन्होंने कहा था कि कई जगहों पर फर्जी नाम जोड़े गए और असली मतदाताओं के नाम हटाए गए। उनका दावा था कि अगर यह गड़बड़ी न होती तो बीजेपी को बहुत कम बहुमत मिलता और चुनावी नतीजे अलग होते। राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और बीजेपी के कई नेताओं ने इस पर पलटवार किया।
कानूनी विकल्पों पर जोर
शेखावत ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में कानूनी रास्ते सबसे मजबूत होते हैं। यदि कोई राजनीतिक दल या व्यक्ति यह मानता है कि वोटर लिस्ट में हेरफेर हुई है, तो उसे न्यायिक और संवैधानिक तंत्र का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने कहा—”देश का संविधान सभी नागरिकों को शिकायत दर्ज करने और न्याय पाने का अधिकार देता है। ऐसे में बिना जांच और कानूनी प्रक्रिया के किसी संस्था पर आरोप लगाना जनता के विश्वास को कमजोर करता है।”
जोधपुर दौरे का संदर्भ
गजेंद्र सिंह शेखावत का यह बयान उनके जोधपुर दौरे के दौरान आया। वे यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने राहुल गांधी के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।


