मनीषा शर्मा। राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने जामडोली के सामाजिक न्याय संकुल परिसर में आयोजित विशेष योग्यजन बहन सम्मान दिवस समारोह में पहुंचकर दिव्यांग बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व पहले ही मना लिया। इस अवसर पर उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा – “आज मेरा एक साल के लिए रिन्युअल हो गया है। आपने जो रक्षासूत्र बांधा है, उससे मैं निश्चिंत हो गया हूं।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जैसे हर भाई अपनी बहन से राखी बंधवाकर खुद को सुरक्षा और प्रेम के रिश्ते में और मजबूत महसूस करता है, वैसे ही आज उन्हें भी वही खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने बहनों को हर तरह के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर देने का संकल्प दोहराया।
रक्षाबंधन का भाव और भाई का वादा
सीएम भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में मौजूद बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, जो आपसी स्नेह, विश्वास और संरक्षण की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा – “आपका ये भाई आप सभी बहनों की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।” उन्होंने कहा कि राखी बांधने का क्षण हर भाई के लिए विशेष होता है, और यह प्रसन्नता उन्हें पूरे वर्ष भर बहनों के लिए कुछ करने की प्रेरणा देती है।
औपचारिकताओं से अलग एक स्नेहमय मिलन
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें कोई मंच नहीं बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने पूरी तरह से औपचारिकताओं से हटकर, दिव्यांग बहनों के बीच बैठकर उनसे संवाद किया। उन्होंने बहनों के साथ सहज और आत्मीय माहौल में बातें कीं। इस दौरान कई बहनों ने अपनी छोटी-छोटी इच्छाएं सीएम के सामने रखीं। तनु ने कुरकुरे, मिठाई और समोसा खाने की इच्छा जताई, जबकि पूजा ने घूमने जाने की ख्वाहिश जाहिर की। सीएम ने मुस्कुराते हुए सभी बहनों की इच्छाएं पूरी करने का भरोसा दिलाया।
विशेष योग्यजन के लिए बड़ा प्रोजेक्ट
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत भी मौजूद रहे। उन्होंने घोषणा की कि जामडोली में 200 करोड़ रुपए की लागत से स्वयंसिद्धा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह केंद्र विशेष योग्यजन के प्रशिक्षण, पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा। मंत्री ने बताया कि इस सेंटर में आधुनिक सुविधाएं, व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन सकें।
विशेष योग्यजन बहन सम्मान दिवस का महत्व
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बहनों के सम्मान और अधिकारों को सशक्त बनाना है। समाज में ऐसे कई लोग हैं जो शारीरिक या मानसिक चुनौतियों का सामना करते हैं, लेकिन उचित सहयोग और अवसर मिलने पर वे भी बाकी सभी की तरह जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। रक्षाबंधन जैसे त्यौहार के साथ इस कार्यक्रम को जोड़ना एक अनोखी पहल है, जो बहन-भाई के रिश्ते के साथ-साथ सामाजिक समानता और समावेशी विकास का संदेश भी देती है।
सीएम का दिव्यांग बहनों से जुड़ाव
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांग बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बहुत मायने रखता है। उन्होंने कहा – “जब कोई बहन राखी बांधती है, तो वह सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और प्रेम का बंधन देती है। आज आप सभी ने मुझे जो प्यार और आशीर्वाद दिया है, वह मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दिव्यांगजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।


