मनीषा शर्मा। कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ शुक्रवार को देशभर के 4500 स्क्रीनों पर रिलीज की जा रही है। इस फिल्म को लेकर काफी विवाद रहा है, लेकिन अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद इसे सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जा रहा है। फिल्म की स्क्रीनिंग उदयपुर के प्रमुख मॉल्स—सेलिब्रेशन मॉल, अरबन स्क्वायर और लेकसिटी मॉल—में भी की जा रही है। फिलहाल तीनों जगहों पर एक-एक शो की योजना बनाई गई है।
फिल्म कन्हैयालाल की हत्या पर केंद्रित है, जिसमें उनके बेटे यश तेली भी अपने परिवार के साथ फिल्म देखने पहुंचेंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस फिल्म को देखें और समझें कि किस तरह आतंकवादी मानसिकता के लोगों ने उनके पिता की निर्मम हत्या की।
फिल्म रिलीज को लेकर कोर्ट और सरकार की भूमिका
‘उदयपुर फाइल्स’ को पहले 11 जुलाई 2025 को रिलीज किया जाना था, लेकिन कुछ धार्मिक संगठनों और हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद जावेद ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। याचिका में दावा किया गया कि फिल्म एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैला सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके खिलाफ निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज की अनुमति दे दी, लेकिन याचिकाकर्ता फिर से हाईकोर्ट में गए, जहां 1 अगस्त को हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह फिल्म की समीक्षा कर निर्णय ले। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक समिति गठित की और फिल्म की समीक्षा कर 6 अगस्त 2025 को फिल्म की रिलीज पर से रोक हटा दी।
निर्माता और कलाकारों की भूमिका
फिल्म का निर्देशन भरत एस. श्रीनाते ने किया है, जबकि इसके निर्माता हैं अमित जानी। फिल्म में कन्हैयालाल की भूमिका में जाने-माने अभिनेता विजय राज नजर आएंगे। साथ ही रजनीश दुग्गल और प्रीति झांगियानी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। निर्माता अमित जानी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि हम एक सच्ची और भयावह घटना को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं।”
फिल्म को लेकर सुरक्षा के इंतजाम
चूंकि फिल्म एक संवेदनशील विषय पर आधारित है, इसलिए राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सभी सिनेमाघरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। उदयपुर पुलिस ने विशेष निगरानी दस्ते तैनात किए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
कन्हैयालाल हत्याकांड: एक दर्दनाक घटना
28 जून 2022 को उदयपुर शहर के गोर्वधन विलास क्षेत्र में एक दर्जी कन्हैयालाल की उनकी दुकान में घुसकर गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का कारण यह बताया गया कि कन्हैयालाल ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट के बाद से कन्हैयालाल को समुदाय विशेष से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। हत्या तालिबानी तरीके से की गई थी और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
एनआईए जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना के बाद मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अत्तारी ने हत्या को अंजाम दिया था। इनके अलावा पाकिस्तान के कराची निवासी सलमान और अबू इब्राहिम को फरार बताया गया। एनआईए ने कुल 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जिसमें मोहसिन, आसिफ, मोहम्मद जावेद, मुस्लिम मोहम्मद, वसीम अली, फरहाद मोहम्मद शेख उर्फ बबला आदि शामिल थे। 9 फरवरी 2023 को एनआईए की विशेष अदालत ने हत्या, आतंकी गतिविधियों, आपराधिक षड्यंत्र, और यूएपीए व आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग स्वीकार किया था।
जमानत पर छूटे आरोपी
इस मामले में मोहम्मद जावेद को 5 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जावेद पर हत्या की साजिश रचने का आरोप था। इससे पहले फरहाद मोहम्मद उर्फ बबला को 1 सितंबर 2023 को एनआईए कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।