मनीषा शर्मा । राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है। घटना के कुछ ही दिनों बाद झालावाड़ में आयोजित एक आदिवासी कार्यक्रम में भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत का फूल-मालाओं और डीजे के साथ स्वागत हुआ, जिस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक और आदिवासी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश घोघरा ने इस पूरे घटनाक्रम को “असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा” करार देते हुए BAP और राजकुमार रोत पर जमकर निशाना साधा है।
गणेश घोघरा ने BAP और सांसद राजकुमार रोत को लिया आड़े हाथों
कांग्रेस नेता गणेश घोघरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब राज्य शोक में डूबा हो और सात आदिवासी बच्चों की मौत जैसी त्रासदी हाल ही में घटी हो, तब आदिवासी नेता कहे जाने वाले लोग डीजे बजाकर अपना स्वागत करवा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह किस तरह का आदिवासी सम्मान है, जब समुदाय के बच्चे दुखद तरीके से जान गंवा चुके हैं और उनके नेताओं को जश्न मनाने की फुर्सत है?”
घोघरा ने आरोप लगाया कि BAP नेता केवल राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं, न कि आदिवासियों की भलाई के लिए।
“आदिवासी दिवस का दुरुपयोग किया जा रहा” – कांग्रेस
घोघरा ने यह भी सवाल उठाया कि BAP जिस कार्यक्रम को ‘आदिवासी दिवस’ कहकर मना रही है, वह वास्तव में 9 अगस्त को होता है। उन्होंने कहा, “BAP के नेता किस आधार पर उससे पहले आदिवासी दिवस का आयोजन कर रहे हैं? क्या यह केवल एक मंच तैयार करने और भीड़ जुटाकर अपनी राजनीति चमकाने का तरीका नहीं है?”
उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम के पीछे का उद्देश्य आदिवासी समाज की भावनाओं से खिलवाड़ कर राजनीतिक फायदा उठाना था, न कि कोई वास्तविक सामाजिक चिंता।
“राजकुमार रोत को यदि सच में दुख होता तो जाते बच्चों के घर”
गणेश घोघरा ने यह भी कहा कि यदि सांसद राजकुमार रोत को बच्चों की मौत पर सच्चा दुख होता, तो वे पहले पीड़ित परिवारों से मिलते, उन्हें सांत्वना देते और उनका दुख साझा करते। लेकिन इसके विपरीत, वह मंच पर चढ़कर डीजे की धुनों पर नाचते हुए फूल-मालाएं पहन रहे हैं।
उन्होंने कहा, “सांत्वना देना और पीड़ा में साथ खड़े रहना नेता की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां तो वे सिर्फ भाषण देकर और स्वागत कराकर वापस लौट गए। यह दर्शाता है कि आदिवासी समाज उनके लिए केवल राजनीतिक साधन है।”
कांग्रेस ने BAP की राजनीतिक मंशा पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने BAP की पूरी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी आदिवासियों के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीएपी नेताओं को जनता की वास्तविक समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएपी ने अब तक किसी भी आदिवासी क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई, न ही किसी गंभीर मुद्दे पर संसद या राज्यसभा में चर्चा की।
झालावाड़ स्कूल हादसे पर सरकार से की संवेदनशीलता की मांग
गणेश घोघरा ने सरकार से भी अपील की कि झालावाड़ की घटना के पीड़ित परिवारों को त्वरित सहायता दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्कूलों की संरचनात्मक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग को इस लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
कांग्रेस का मानना है कि ऐसे मामलों को केवल जांच के भरोसे छोड़ देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पीड़ित परिवारों को उचित न्याय और राहत मिलनी चाहिए।


