मनीषा शर्मा। भारतीय स्टेट बैंक की वर्कमैन यूनियन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन (SBISA) जयपुर सर्किल में संगठनात्मक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जोधपुर के कर्मठ और संघर्षशील कॉमरेड भवानी सिंह सोलंकी को महासचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पहली बार है जब जोधपुर से किसी नेता को इस प्रतिष्ठित पद का दायित्व सौंपा गया है, जिससे न केवल शहर बल्कि समूचे मंडल के कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
संगठन में नई नियुक्तियों की श्रृंखला
सोलंकी की नियुक्ति के बाद जोधपुर प्रशासनिक कार्यालय में उनका भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में उप महासचिव पी.के. व्यास सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने सोलंकी को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और संगठन के भविष्य को लेकर सकारात्मक आशाएं जताईं।
नई कार्यकारिणी के तहत अन्य प्रमुख नियुक्तियां भी की गई हैं:
उप महासचिव: देवेंद्र कुमार (जोधपुर प्रशासनिक कार्यालय से)
एमसीजी के सहायक महासचिव: संपतसिंह गहलोत
जोनल सचिव: सपना संखला, किरण सोलंकी, धीरज चौहान और महेंद्र कुमार समेत अन्य पदाधिकारी
सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का जोधपुर पहुंचने पर शास्त्री नगर स्थित प्रशासनिक कार्यालय में भव्य अभिनंदन किया गया, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी और यूनियन सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में पुष्पमालाएं पहनाकर, मिठाई खिलाकर और तालियों की गड़गड़ाहट से नए नेतृत्व का स्वागत किया गया।
एकता, संघर्ष और समर्पण का सम्मान
महासचिव भवानी सिंह सोलंकी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे जोधपुर क्षेत्र के कर्मचारियों की एकजुटता और संघर्ष का फल है। उन्होंने अपने वरिष्ठों विशेषकर महेश विश्नोई और पीके व्यास का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि वे एसोसिएशन की नीतियों को पारदर्शिता, प्रतिबद्धता और सक्रियता के साथ आगे बढ़ाएंगे। उनका कहना था कि संगठन में अब नई ऊर्जा और सोच के साथ सदस्यता को सशक्त बनाया जाएगा और हर कर्मचारी की आवाज को मंच मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण नीतियों के विरुद्ध कार्य करेंगे और यूनियन को लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाएंगे।
जोधपुर को मिली मंडल स्तर की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि SBISA की प्रदेश में 1562 शाखाएं हैं और इनमें 8354 सक्रिय सदस्य हैं। ऐसे में महासचिव पद पर जोधपुर के प्रतिनिधित्व को गौरव की बात बताया गया। संगठन के कई वरिष्ठ सदस्यों ने इसे संघर्षशील नेतृत्व की जीत बताया और संगठन की आगामी दिशा को लेकर आशा व्यक्त की।
संगठन की चुनौतियां और नयी राह
वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि बैंक कर्मचारियों को बदलते बैंकिंग परिदृश्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है — जैसे डिजिटल वर्कलोड, नौकरी की असुरक्षा, पदोन्नति में पारदर्शिता की कमी और स्थानांतरण संबंधी दिक्कतें। संगठन को इन सभी मुद्दों पर सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभानी होगी। भवानी सिंह सोलंकी ने इन बिंदुओं पर सहमति जताते हुए कहा कि वे हर स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं को न केवल सुनेंगे बल्कि नीतिगत समाधान के लिए संघर्ष भी करेंगे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक समारोह में अनेक वरिष्ठ नेता और संगठन के आधार स्तंभ उपस्थित रहे: राजेंद्र कच्छवाहा, निर्मल गहलोत, देवेंद्र घारू, विजेंद्र पंवार, सुभाष चौधरी, मोहित कच्छवाहा, पुनीत कच्छवाहा, राजेश्वर देवड़ा, गजेंद्र, नेमीचंद, मुकेश सांखला, धर्मेंद्र जोशी, बंशीलाल, शायर सिंह, गुलाब चानगरा सहित अन्य साथी। सभी ने संगठन की मजबूती और पारदर्शिता को संपूर्ण मंडल में लागू करने का संकल्प लिया।
भविष्य की प्रतिबद्धता और एकता का संकल्प
समारोह के समापन में महासचिव भवानी सिंह सोलंकी ने सभी उपस्थित सदस्यों और कर्मचारियों का धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि SBISA जयपुर सर्किल को नई दिशा देने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने जोधपुर की पारदर्शी कार्यशैली को पूरे सर्किल में लागू करने की बात कही और जयपुर समेत सभी क्षेत्रों में बराबरी से कार्य करने का भरोसा दिलाया। उप महासचिव देवेंद्र कुमार ने भी संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने और युवाओं को आगे लाने का वादा किया।