शोभना शर्मा। राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। खासतौर पर भरतपुर शहर में लगातार बारिश के चलते कई आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। इसी बीच एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींचा है, जिसमें भरतपुर नगर निगम के कमिश्नर श्रवण बिश्नोई खुद सड़क पर जमी गंदगी और अवरुद्ध नाली को अपने हाथों से साफ करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो ना सिर्फ एक उदाहरण है बल्कि सरकारी कार्यशैली में व्यावहारिकता और जिम्मेदारी की एक जीवंत मिसाल भी बन चुका है।
हीरा दास चौराहे पर नाली अवरुद्ध मिली
भरतपुर शहर के हीरा दास चौराहे और कुम्हेर गेट के बीच सड़क किनारे स्थित एक नाली पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई थी। भारी बारिश के कारण पानी नाली से बहने के बजाय सड़कों पर भर गया था। इस स्थिति का जायजा लेने खुद नगर निगम कमिश्नर श्रवण बिश्नोई मौके पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने देखा कि नाली में पानी भरा है और उसका प्रवाह रुक गया है, उन्होंने बिना देर किए किसी कर्मचारी को बुलाने के बजाय खुद ही नाली की सफाई शुरू कर दी।
कमिश्नर ने हाथों से हटाई गंदगी
कमिश्नर श्रवण बिश्नोई ने अपने हाथों से नाली में जमा कचरे और मलबे को हटाया। लगभग 10 मिनट तक लगातार मेहनत करने के बाद नाली से अवरोध हट गया और पानी का बहाव फिर से शुरू हो गया। इस दौरान वे बारिश में भीगते रहे लेकिन अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे। उनका यह अंदाज देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग भी हैरान रह गए और कई लोगों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर लोगों की तारीफ
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कमिश्नर की जमकर सराहना हो रही है। यूजर्स कह रहे हैं कि अगर सभी अधिकारी इसी तरह अपने कार्य को ईमानदारी और जिम्मेदारी से करें तो शहर की समस्याएं खुद-ब-खुद कम हो जाएं। लोग यह भी कह रहे हैं कि यह दृश्य आमतौर पर देखने को नहीं मिलता, जब एक उच्च अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर नाली साफ कर रहा हो। कुछ यूजर्स ने कमिश्नर को ‘जनता का सच्चा सेवक’ कहा तो कुछ ने उन्हें ‘रियल हीरो’ बताया।
बारिश से शहर बेहाल, प्रशासन सतर्क
गौरतलब है कि भरतपुर में बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। नगर निगम की ओर से जल निकासी के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन कई स्थानों पर पुरानी और जाम नालियों के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में कमिश्नर श्रवण बिश्नोई का यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रेरणा देने वाला संदेश बन चुका है।
लोगों को मिला भरोसा, अफसर भी कर सकते हैं काम
जनता में यह भावना देखने को मिल रही है कि जब कोई अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर काम करता है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों में भी जिम्मेदारी का भाव पैदा होता है। इसके साथ ही आम जनता को भी प्रशासन पर भरोसा बढ़ता है कि उनके अधिकारी सिर्फ दफ्तरों में बैठकर निर्देश नहीं देते, बल्कि ज़मीन पर उतरकर काम भी करते हैं।


