शोभना शर्मा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बीकानेर दौरे के दौरान गहलोत ने केंद्र सरकार, मीडिया और भारतीय जनता पार्टी पर एक के बाद एक तीखे प्रहार किए। उन्होंने कांग्रेस में गुटबाजी की अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अब पार्टी पूरी तरह एकजुट है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर देश को भाषाओं के नाम पर बांटने का आरोप लगाया।
कांग्रेस में गुटबाजी नहीं, मीडिया फैला रहा भ्रम: गहलोत
जब अशोक गहलोत से पूछा गया कि कुछ कार्यक्रमों में सचिन पायलट की तस्वीर नहीं दिख रही, तो उन्होंने सवाल को हल्के में लेते हुए कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा, “कई बार मेरे भी पोस्टर नहीं लगते, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। फोटो के चक्करों में मैं नहीं पड़ता।” उन्होंने मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “अब पार्टी में कोई गुटबाजी या मतभेद नहीं है। अगर कोई अभी भी गुटबाजी की बात कर रहा है, तो इसका दोष सिर्फ मीडिया को जाता है। मीडिया ही बेवजह दूरियां बनाने की कोशिश करता है।”
मानेसर प्रकरण पर दिया जवाब
मानेसर प्रकरण, जिसमें कांग्रेस के कई विधायक बगावत के मूड में थे, को लेकर गहलोत ने कहा, “हर घटनाक्रम को याद रखेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे? पुरानी बातें भूलनी होंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को अब भविष्य की ओर देखना होगा और पार्टी को मजबूत करने के लिए एकजुट होना होगा। गहलोत ने साफ किया कि अब समय व्यक्तिगत मतभेदों का नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने का है।
अमित शाह पर सीधा हमला, हिंदी को बताया राजनीतिक हथियार
गृह मंत्री अमित शाह के हालिया हिंदी भाषा पर दिए गए बयानों पर गहलोत ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “हिंदी हमारी मातृभाषा है, लेकिन अमित शाह इसे दक्षिण भारत के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।” गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा को दक्षिण भारत में राजनीतिक समर्थन नहीं मिल पा रहा, इसलिए वे भाषा के नाम पर वहां ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “देश की विविध भाषाएं हमारी ताकत हैं। इन्हें बांटने की कोशिश खतरनाक है। अमित शाह जैसे वरिष्ठ नेता अगर ऐसे बयान दे रहे हैं, तो यह स्पष्ट रूप से एक सोची-समझी रणनीति है।”
मीडिया की चुप्पी खतरनाक: गहलोत
अशोक गहलोत ने भारतीय मीडिया पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मीडिया ने अपनी निष्पक्षता खो दी है। आजादी के समय मीडिया, बुद्धिजीवी और उद्योगपति देशहित में खुलकर बोलते थे, लेकिन आज सभी चुप हैं।” उन्होंने सोशल मीडिया के प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की रक्षा के लिए मेनस्ट्रीम मीडिया का मौन रहना सबसे खतरनाक संकेत है। “अब सारा काम सोशल मीडिया से चल रहा है, लेकिन यह सतही और असंतुलित संवाद का माध्यम बन गया है।”
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से की एकजुटता की अपील
गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से स्पष्ट शब्दों में अपील की कि वे आपसी मतभेद छोड़कर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, “यह वक्त देश को बचाने का है, न कि आपसी खींचतान का। अगर कांग्रेस कमजोर होती है, तो संविधान और लोकतंत्र भी खतरे में पड़ जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हम सबका फर्ज है कांग्रेस को मजबूत करना, क्योंकि यही पार्टी आज लोकतंत्र की सबसे बड़ी संरक्षक है।”