शोभना शर्मा। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले ने शुक्रवार को एक नया तापमान रिकॉर्ड कायम कर देश के सबसे गर्म शहर का खिताब हासिल किया। यहां का अधिकतम तापमान 49.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.9 डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह वर्ष 2025 का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले श्रीगंगानगर में सर्वाधिक तापमान 14 जून 1934 को 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
भीषण गर्मी और लू के इस दौर ने आमजन को बेहद परेशान कर दिया है। दिनभर लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, जहां पंखे और कूलर भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है और पानी की मांग चरम पर पहुंच गई है। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
राजस्थान के अन्य जिलों में भी हीटवेव की स्थिति
श्रीगंगानगर ही नहीं, बल्कि राजस्थान के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर रहा।
IMD द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दर्ज किए गए प्रमुख तापमान इस प्रकार हैं:
चुरू: 47.6°C
जैसलमेर: 46.9°C
बीकानेर: 46.4°C
जोधपुर: 46.3°C
फलोदी और बाड़मेर: 46.2°C
पिलानी: 45.4°C
लूणकरणसर: 45.2°C
पाली और फतेहपुर: 45.0°C
चित्तौड़गढ़: 44.9°C
संगरिया: 44.6°C
झुंझुनू: 44.5°C
नागौर: 44.4°C
जयपुर: 44.5°C
इन जिलों में लोगों को लू से बचने के लिए लगातार चेतावनी दी जा रही है। खासकर दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
कब मिलेगी गर्मी से राहत?
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए जानकारी दी है कि 14 जून (शनिवार) से राजस्थान के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून मौसमी गतिविधियों की शुरुआत हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
विशेष रूप से उदयपुर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बादल, गरज-चमक, हल्की बारिश और धूल भरी आंधी देखने को मिल सकती है। यह गतिविधियां लोगों को भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत दे सकती हैं।
हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में फिलहाल लू का प्रभाव जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए इन क्षेत्रों में लू का रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही दोपहर बाद 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अलर्ट
गर्मी की तीव्रता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार व्यक्तियों को लू से विशेष रूप से बचाने की अपील की गई है।