शोभना शर्मा। भीषण गर्मी से जूझ रहे राजस्थानवासियों के लिए राहत की खबर है। 14-15 जून से राज्य में प्री-मानसून बारिश की शुरुआत होने वाली है। कोटा और उदयपुर संभाग से यह बारिश का दौर शुरू होगा, जो धीरे-धीरे 20 जून तक जयपुर और भरतपुर संभाग तक पहुंच जाएगा।
मौसम विशेषज्ञों और मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जून के बाद राज्य में मानसून की एंट्री होने की प्रबल संभावना है। हालांकि सामान्य तिथि के अनुसार मानसून का प्रवेश 25 जून को निर्धारित है।
वर्तमान स्थिति: महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर में अटका मानसून
वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के मुंबई, अहमदनगर और पूर्वोत्तर भारत के सिलीगुड़ी के आसपास 29 मई से अटका हुआ है। इसके आगे बढ़ने की रफ्तार धीमी बनी हुई है, जिससे उत्तर भारत में हीटवेव का असर लंबे समय तक बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून 20 जून के बाद रफ्तार पकड़ेगा और राजस्थान में 26 जून तक सामान्य से ज्यादा वर्षा हो सकती है।
हीटवेव का कहर जारी रहेगा 15 जून तक
हालांकि बारिश की उम्मीद से राहत की संभावना दिख रही है, लेकिन 15 जून तक प्रदेश में लू और तेज गर्मी का असर बरकरार रहेगा। बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा और जयपुर जैसे जिलों में अभी भी तापमान 45 डिग्री के पार बना हुआ है।
तापमान की स्थिति: कहां कितना गर्म रहा राजस्थान
पिछले 24 घंटे के भीतर राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। खासतौर पर श्रीगंगानगर में 47.8 डिग्री और कोटा में 46.3 डिग्री का तापमान दर्ज किया गया। ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि लू का प्रकोप अपने चरम पर है।
प्रमुख शहरों का तापमान:
श्रीगंगानगर – 47.8°C
कोटा – 46.3°C
बीकानेर – 45.2°C
जयपुर – 45.2°C (सीजन का सबसे गर्म दिन)
अजमेर – 44.0°C
राज्य के कुल 19 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। यह हालात गंभीर हीटवेव की पुष्टि करते हैं।
कब-कहां बारिश की उम्मीद?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार:
14-15 जून: प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत कोटा और उदयपुर संभाग से होगी
16-18 जून: हल्की बारिश और धूलभरी हवाएं अजमेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर जैसे जिलों में पहुंचेंगी
19-20 जून: जयपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर में भी हल्की बारिश की संभावना
20-26 जून: राज्य के कई हिस्सों में औसत से अधिक बारिश का अनुमान है
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और हल्की बारिश के चलते तापमान में 3-4 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गति फिलहाल धीमी है लेकिन मध्य भारत में सिस्टम सक्रिय होते ही राजस्थान में अच्छी वर्षा की उम्मीद की जा सकती है। प्री-मानसून की बारिश गर्मी से तत्काल राहत तो नहीं देगी, लेकिन इससे मिट्टी की नमी, फसलों की तैयारी और स्थानीय पर्यावरण में सुधार अवश्य होगा।


