शोभना शर्मा। राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क से एक बार फिर टाइगर हमले की दर्दनाक खबर सामने आई है। सोमवार सुबह टाइगर ने जैन मंदिर के चौकीदार राधेश्याम माली (70 वर्ष) को अपना शिकार बना लिया। यह घटना दो महीने में टाइगर द्वारा किया गया तीसरा हमला है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। इस घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, जिसे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद टाल दिया गया, लेकिन ग्रामीण गणेश धाम पर धरने पर बैठ गए हैं।
20 वर्षों से मंदिर में कार्यरत थे राधेश्याम माली
राधेश्याम माली पिछले दो दशकों से रणथंभौर स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। सोमवार सुबह लगभग 4:30 बजे वे मंदिर परिसर से शौच के लिए बाहर निकले थे। उनके पास एक टॉर्च और लाठी थी। इसी दौरान अचानक सामने आए टाइगर ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राधेश्याम ने लाठी से बचाव करने की कोशिश की, लेकिन टाइगर के हमले से वे बच नहीं पाए। मंदिर के अन्य कर्मचारियों ने उनकी चीख-पुकार सुनकर वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हवाई फायरिंग कर वन्यजीवों को मौके से हटाया गया। इसके बाद शव को कब्जे में लिया गया। घटना स्थल के पास वन क्षेत्र से सटी आबादी और मंदिर की स्थिति ने एक बार फिर पार्क और ग्रामीणों के बीच के संघर्ष को उजागर कर दिया है।
दो महीने में तीसरा हमला
रणथंभौर में बाघ द्वारा किया गया यह तीसरा हमला है। इससे पहले 16 अप्रैल को 7 वर्षीय बालक कार्तिक और 11 मई को वन विभाग के ही रेंजर देवेंद्र चौधरी टाइगर के शिकार बन चुके हैं। इन घटनाओं के बाद भी वन विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, जिससे लोगों में आक्रोश और भय दोनों है।
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, 8 सूत्रीय मांगों के साथ धरना शुरू
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को लेने से मना कर दिया और गणेश धाम पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगें प्रशासन के सामने रखीं हैं:
मृतक के परिजनों को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता
परिवार को 10 बीघा भूमि
एक सदस्य को सरकारी नौकरी
रणथंभौर वाइल्डलाइफ कमेटी को भंग किया जाए
लापरवाह अधिकारियों को हटाया जाए
टाइगर मॉनिटरिंग प्रणाली को मजबूत किया जाए
गणेश धाम में यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएं
गणेश यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को मौके पर बुलाया जाए ताकि वे उनकी मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचा सकें।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद न तो टाइगर की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई और न ही प्रभावित इलाकों में कोई सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए। जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को हर दिन खतरे में जीना पड़ रहा है।


