latest-newsनागौरराजनीतिराजस्थान

किरोड़ी लाल को मुख्यमंत्री बना दो तब भी संतुष्ट नहीं होंगे: बेनीवाल

किरोड़ी लाल को मुख्यमंत्री बना दो तब भी संतुष्ट नहीं होंगे: बेनीवाल

शोभना शर्मा । राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा पर जमकर हमला बोला। नागौर में अपने निवास पर मीडिया से बात करते हुए बेनीवाल ने दोनों नेताओं की कार्यशैली और बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।

किरोड़ी मीणा पर उठाए सवाल, कहा- समझ नहीं आती उनकी बातें

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा खाद-बीज फैक्ट्रियों पर छापेमारी को लेकर बेनीवाल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अचानक ही मीणा को यह सब कैसे याद आ गया। क्या वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विरोध कर रहे हैं या अपनी लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

बेनीवाल ने कहा, “मैं उनके बहुत साथ रहा, लेकिन हर बार जैसे ही मौका मिलता है वो छोड़कर चले जाते हैं। लड़ते रहना उनकी आदत है। उन्हें अगर मुख्यमंत्री भी बना दो तब भी संतुष्ट नहीं होंगे। उनकी बात समझ ही नहीं आती।”

मंत्रियों को छापे मारने की जरूरत नहीं होती

कृषि मंत्री द्वारा खुद ही छापा मारने को लेकर बेनीवाल ने कहा कि मंत्रियों को छापेमारी की जरूरत नहीं होती क्योंकि उनके पास पूरी टीम और तंत्र होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीणा केवल अखबारों में नाम छपवाने के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यदि नकली खाद-बीज बन रहे थे, तो यह सब पहले से चल रहा था। कांग्रेस सरकार में भी चला, अब डेढ़ साल से बीजेपी की सरकार है, तो क्या इतने समय में इन्हें इसका पता नहीं चला? अब देखना है कि इसका नतीजा क्या आता है, क्योंकि सिर्फ दिखावा नहीं बल्कि परिणाम जरूरी हैं।”

ज्योति मिर्धा को लेकर तीखी टिप्पणी

एसआई भर्ती रद्द होने के मामले में क्रेडिट लेने की होड़ पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो बेनीवाल ने ज्योति मिर्धा पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें कोई भी बात लिखकर दे दो तो वही बोल देती हैं।

उन्होंने कहा, “उन्हें एसआई भर्ती के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वो अब जाकर एक्टिव हुई हैं। वो चाहती हैं कि ऐसा लगे जैसे वो ही पूरी बीजेपी हैं, जबकि बीजेपी उनके आने से पहले भी थी। वे दो बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी से चुनाव हार चुकी हैं।”

3 बार हारने वालों को चुनाव नहीं लड़ने देने वाला कानून लाएंगे

बेनीवाल ने बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि एक नया कानून लाया जा रहा है जिसके तहत यदि कोई व्यक्ति लगातार तीन बार चुनाव हारता है, तो वह भविष्य में चुनाव नहीं लड़ पाएगा। उन्होंने कहा कि ज्योति मिर्धा को इसी बात की चिंता सता रही है कि ऐसा कानून आने पर उनका क्या होगा।

’15 पार्टियों वाला परिवार है मिर्धा का’

ज्योति मिर्धा और उनके परिवार को लेकर बेनीवाल ने कहा कि मिर्धा परिवार खुद नहीं जानता कि वह किस पार्टी में है। उन्होंने कहा कि एक ही घर में 15 पार्टियों की सोच है—कोई कांग्रेस में, कोई बीजेपी में, कोई किसी और दल में।

उन्होंने आरोप लगाया कि मिर्धा परिवार ने कभी नागौर की तरक्की के लिए कुछ नहीं किया, न सिंचाई, न शिक्षा, न रोजगार के लिए। अगर वे चाहते तो इंदिरा गांधी नहर, अच्छे कॉलेज और विश्वविद्यालय, खनिज संसाधनों का दोहन सब कुछ संभव था, लेकिन वे केवल सत्ता के लिए राजनीति करते रहे।

स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर से प्रतीकों पर हमला

बेनीवाल ने अपने पुराने संघर्ष को याद करते हुए कहा कि 1999 के बाद जब वे नागौर आए, तब यहां कोई जनसुनवाई नहीं होती थी। आज के हालात में हर जगह जनसुनवाई हो रही है क्योंकि उन्होंने नेताओं और दलालों की दुकानें बंद करवाईं।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “2008 के बाद नागौर में स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर की भरमार हो गई है। अब ये गाड़ियाँ नेताओं की पहचान बन गई हैं, लेकिन काम के नाम पर कुछ नहीं किया गया।”

‘बिना टिकट 3 हजार वोट भी नहीं’

अपने समापन में बेनीवाल ने कहा कि कुछ लोग बार-बार हारकर भी खुद को बड़ा नेता समझते हैं। अगर उनमें आत्मविश्वास है तो वे खुद की पार्टी बनाकर चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा कि “बिना पार्टी टिकट के इनके पास तीन हजार वोट भी नहीं हैं। फिर ये लोग बीजेपी और कांग्रेस के कार्यालयों के चक्कर क्यों काटते हैं?”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत सामान्य बात है, लेकिन जब कोई चार बार हार जाए, तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए, न कि दूसरों पर आरोप मढ़ने चाहिए।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading