शोभना शर्मा। राजस्थान के सीकर जिले में आयोजित SSC GD Exam 2025 के दौरान एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यह परीक्षा 7 फरवरी 2025 को आयोजित की गई थी, जिसमें डमी कैंडिडेट को असली परीक्षार्थी की जगह बैठाकर परीक्षा दिलवाने की साजिश की गई। इस मामले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
डमी कैंडिडेट वॉशरूम में छुपा था
घटना SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान, सीकर की है, जहां फर्जीवाड़े की पूरी साजिश रची गई थी। जानकारी के अनुसार, डमी कैंडिडेट को सेंटर में पहले से छिपाया गया था। वह वॉशरूम में तब तक रुका रहा जब तक असली परीक्षार्थी सेंटर में नहीं पहुंचा। बाद में उसी के एडमिट कार्ड का उपयोग करके डमी कैंडिडेट ने लैब में जाकर परीक्षा दी।
सीसीटीवी फुटेज में पकड़ा गया खेल
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 10 फरवरी को TCS के हब ऑपरेशन मैनेजर विक्रम सिंह की शिकायत पर IEG पर्यवेक्षक नरेश कुमार ने सेंटर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में यह साफ देखा गया कि MTAF स्टाफ का सदस्य बजरंगलाल एक संदिग्ध कैंडिडेट को अंदर लाता है, जो कुछ समय बाद वॉशरूम चला जाता है। वहां असली कैंडिडेट पहले से छुपा हुआ था। इसके बाद डमी कैंडिडेट बाहर आकर परीक्षा देता है।
संदिग्धों की गतिविधियां रिकॉर्ड में
सीसीटीवी फुटेज में VOM धर्मेंद्र शर्मा और निरीक्षक दिनेश कुमार को वॉशरूम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में देखा गया। यही नहीं, दिनेश कुमार को डमी कैंडिडेट से बात करते हुए भी पाया गया। यह सब देख पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए TCS से जुड़े दिनेश कुमार (घड़ियाल नगर, कोलीडा) और राकेश यादव (दोबलाई, गोविंदगढ़) को गिरफ्तार कर लिया।
फरार है असली और डमी परीक्षार्थी
हालांकि, इस घोटाले के असली कड़ियों में शामिल असली परीक्षार्थी सचिन मलिक और उसकी जगह परीक्षा देने वाला डमी कैंडिडेट अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।
पुलिस जांच जारी
सीओ धोद सुरेश शर्मा ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा सुनियोजित ढंग से किया गया और इसमें सेंटर स्टाफ की मिलीभगत भी सामने आई है। पुलिस सभी फुटेज और दस्तावेजों को आधार बनाकर मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। फरार अभियुक्तों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।


