शोभना शर्मा। 31 मई को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जयपुर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान आयोजित पार्टी कार्यक्रम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का जोशीला अंदाज देखने को मिला। जब जेपी नड्डा मंच पर पहुंचे, तो राजे ने परंपरागत सम्मान के साथ उनका स्वागत किया और कार्यकर्ताओं से जोरदार तालियों की अपील की।
मंच से गूंजा “ऐ मंत्रीजी ताली बजाओ”
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजे ने जब मंच पर जेपी नड्डा का स्वागत किया, तो उनका अंदाज चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “सभी जोरदार ताली बजाओ”, और फिर मंच की ओर इशारा करते हुए एक मंत्री से स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐ मंत्रीजी, नड्डाजी के लिए ताली बजा दो।” इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, और यूजर्स राजे के स्पष्ट और नेतृत्वकारी अंदाज की सराहना कर रहे हैं।
नारी शक्ति पर दिया प्रेरणादायक संदेश
वसुंधरा राजे ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय नारी हर जिम्मेदारी को पूरी निपुणता से निभाने में सक्षम है। चाहे घर का राशन हो या शासन का प्रबंधन, महिलाएं हर भूमिका में निपुणता दिखाती हैं। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने सिद्ध कर दिया कि महिला नेतृत्व में भी संपूर्ण क्षमता होती है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का किया उल्लेख
राजे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से न केवल महिलाओं को सम्मान मिला है, बल्कि यह ऐतिहासिक कदम भारत की वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि भी है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
“महिलाएं थकती नहीं”—राजे का तीखा व्यंग्य
राजे ने सामाजिक सच्चाइयों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “महिलाएं उसी सड़क से घर आती हैं जिस पर पुरुष चलते हैं, लेकिन वो आपकी तरह यह नहीं कहतीं कि मैं थक गई। महिलाएं घर और बाहर का पूरा काम करती हैं। खाना बनाती हैं, खिलाती हैं, बर्तन साफ करती हैं, लेकिन फिर भी कभी जूते फेंककर यह नहीं कहतीं कि मैं थक गई।” यह टिप्पणी सुनकर सभा में जोरदार तालियां बजीं और महिलाओं की अदृश्य मेहनत को सामने लाने की इस पहल को खूब सराहा गया।
अहिल्याबाई होलकर के योगदान को किया याद
वसुंधरा राजे ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अहिल्याबाई होलकर धर्म की रक्षक शासिका थीं। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई ने बद्रीनाथ से लेकर रामेश्वरम और द्वारका से पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया। इसमें काशी का प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर भी शामिल है। राजे ने इसे महिला नेतृत्व की मिसाल बताते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब महिलाओं को अवसर मिला, तो उन्होंने समाज, संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए अद्वितीय कार्य किए।


