latest-news

राजस्थान में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: जयपुर में एक मरीज की मौत

राजस्थान में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: जयपुर में एक मरीज की मौत

शोभना शर्मा। राजस्थान में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। देशभर में कोविड-19 मामलों में आ रही तेजी का असर अब राजस्थान में भी नजर आने लगा है। 26 मई को राजधानी जयपुर में एक संक्रमित मरीज की मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क हो गया है। हालांकि इस मौत के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन कोविड से संबंधित सावधानियों को फिर से अमल में लाया जा रहा है।

जयपुर सहित प्रदेशभर में रविवार तक कुल 15 सक्रिय कोरोना मरीज सामने आए हैं। इनमें से राजधानी जयपुर में ही चार नए मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार और चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है, और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की अनिवार्य जांच शुरू कर दी गई है।

प्रदेशभर में कोरोना के मामले बढ़े, प्रशासन सतर्क

रविवार (25 मई) को राजस्थान में तीन नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई थी। इनमें एक केस जोधपुर से, एक उदयपुर से और एक जयपुर से सामने आया। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इन मामलों में एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है। यह बच्ची नागौर जिले के डीडवाना की रहने वाली है और फिलहाल जोधपुर स्थित एम्स के एनआईसीयू में भर्ती है।

अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों को सतर्क कर दिया है और निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में भर्ती किसी भी मरीज की कोविड जांच आवश्यक रूप से की जाए।

जयपुर में कोरोना से मौत ने बढ़ाई चिंता

26 मई को जयपुर में एक संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु की खबर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत का कारण केवल कोविड संक्रमण था या अन्य कोई पुरानी बीमारी या जटिलता इसका कारण बनी। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस मौत को गंभीरता से ले रहा है और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

जयपुर में अब तक कुल 4 नए मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जिससे यह क्षेत्र राज्य में सबसे अधिक सक्रिय मामलों वाला क्षेत्र बन गया है।

विशेषज्ञों की राय: डरने की जरूरत नहीं, पर सावधानी जरूरी

कोविड के वर्तमान मामलों में जिस वेरिएंट की पुष्टि हो रही है, वह JN.1 वेरिएंट है। यह वेरिएंट ओमिक्रॉन के BA.2.86 स्वरूप में बदलाव के चलते विकसित हुआ है। विशेषज्ञों की मानें तो यह वेरिएंट ज्यादा जानलेवा नहीं है, लेकिन इसके संक्रमण की गति तेज है। इसका मतलब यह है कि यह तेजी से फैलता है, लेकिन गंभीर लक्षणों की संभावना कम होती है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन आवश्यक सावधानियों का पालन अवश्य करें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग, छींकते समय मुंह ढकना और हाथों की नियमित सफाई जैसे उपाय जरूरी हैं।

प्रशासन की तैयारियां और निर्देश

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट पर रखा है। अस्पतालों में कोविड जांच की प्रक्रिया को दोबारा सक्रिय किया गया है। साथ ही मेडिकल स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और कोविड की जांच कराएं। इसके साथ ही कोरोना से बचाव हेतु निर्धारित गाइडलाइन का पालन करें, ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading