शोभना शर्मा। शहरवासियों को अब नगर निगम के कामों के लिए लंबी लाइनें लगाने और कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अजमेर नगर निगम की 30 करोड़ की लागत से बनी नई भव्य बिल्डिंग का उद्घाटन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने न सिर्फ इस नई इमारत का लोकार्पण किया, बल्कि प्रदेश भर के नगर निकायों में आमजन से जुड़े कार्यों को पूरी तरह से ऑनलाइन करने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मंत्री सुरेश रावत, अजमेर उत्तर से विधायक अनीता भदेल सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद रहे। इस मौके पर नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों, नागरिक सुविधाओं, नियोजन और सेवा सुधार को लेकर विभिन्न सुझाव भी सामने आए।
2025 के अंत तक सभी सेवाएं ऑनलाइन, कर्मचारियों की कमी होगी दूर
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के सभी नगर निकायों में वर्ष 2025 के अंत तक अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी को पूरी तरह से दूर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च में स्वायत्त शासन विभाग की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम आरपीएससी द्वारा जून के प्रथम पखवाड़े तक घोषित किया जाएगा। इसके बाद अगस्त तक नए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 2018 से 2023 के बीच जिन भर्तियों में अनियमितता के चलते उन्हें रद्द करना पड़ा, उसके चलते वर्तमान में विभागीय ढांचे पर दबाव है, लेकिन नई भर्तियों और चयन प्रक्रिया के माध्यम से यह कमी शीघ्र दूर हो जाएगी।
ऑनलाइन सेवाएं होंगी समयबद्ध और पारदर्शी
मंत्री खर्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में आमजन से जुड़ी नगरीय सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का लक्ष्य है। इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि एक बार नागरिक ऑनलाइन आवेदन करता है, तो उसका निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाएगा।
इसके अलावा, यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि या दस्तावेज की कमी पाई जाती है, तो आवेदक को एक सप्ताह के भीतर जानकारी देकर उसे सुधार का मौका दिया जाएगा। यह प्रक्रिया जनकल्याणकारी, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान की घोषणा
अजमेर में हाल ही में हुई एक दुखद दुर्घटना का जिक्र करते हुए मंत्री खर्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है कि होटलों, रेस्टोरेंट्स, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी संस्थानों के पास अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकासी मार्ग, और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों। जो भी प्रतिष्ठान इन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निकाय चुनावों की तैयारी शुरू, परिसीमन अंतिम चरण में
मंत्री ने बताया कि राजस्थान में “एक राज्य एक चुनाव” (One Nation One Election) की अवधारणा के अंतर्गत नगर निकायों के वार्ड परिसीमन का कार्य अंतिम चरण में है। जून महीने के अंत तक परिसीमन का काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया जाएगा कि 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच किसी एक तिथि को नगर निकायों के चुनाव करवाए जाएं। यदि प्रशासनिक आवश्यकता हो तो यह चुनाव दो चरणों में भी आयोजित किए जा सकते हैं।
नई बिल्डिंग से उम्मीदें, आमजन को राहत की आस
अजमेर नगर निगम की नई बिल्डिंग न केवल भौतिक संरचना के रूप में एक प्रतीक है, बल्कि इसके माध्यम से नागरिक सेवाओं में सुधार, पारदर्शिता और तकनीकी समावेशिता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जनता को अब अपने दैनिक कार्यों जैसे – जन्म प्रमाण पत्र, लाइसेंस, भवन अनुमति आदि के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।


