शोभना शर्मा , अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने इतिहास में पहली बार किसी भर्ती परीक्षा में सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए आरएएस भर्ती 2018 के परिणाम में संशोधन किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई उत्तर पुस्तिका में उजागर गड़बड़ी के बाद आयोग ने 24वीं रैंक पर चयनित हुईं पदमा चौधरी की रैंक को संशोधित कर 39वीं कर दिया है। यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है और आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कैसे सामने आया मामला?
आरएएस मेंस 2018 परीक्षा में चौथे पेपर की एक उत्तर पुस्तिका, जिसमें एक प्रश्न का उत्तर लिखे बिना ही अभ्यर्थी को 7 अंक मिल गए थे, सोशल मीडिया पर वायरल हुई। यह उत्तर पुस्तिका पदमा चौधरी की बताई गई। शुरुआत में यह मामला डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने उठाया था, लेकिन हाल ही में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे ठोस प्रमाणों के साथ मीडिया के सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि पदमा चौधरी ने अंग्रेजी के प्रश्न क्रमांक 34 का उत्तर नहीं लिखा, फिर भी उन्हें पूर्ण अंक मिले।
आरपीएससी ने की जांच और माना चूक
मीडिया और सोशल मीडिया पर बने दबाव के बाद RPSC ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और पदमा चौधरी को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ में पदमा ने यह कहा कि उन्हें नहीं पता कि एग्जामिनर ने अंक किस आधार पर दिए। आयोग ने माना कि इसमें पदमा की कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है, लेकिन उत्तर पुस्तिका जांच में तीसरे एग्जामिनर ने पहले और दूसरे मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा दिए गए शून्य अंक को बदलकर 7 अंक दे दिए थे। इस त्रुटि के चलते ही उनकी रैंक 24 पर पहुंच गई थी।
तीन स्तर की चेकिंग में क्यों हुई गलती?
आरएएस मेंस परीक्षा की कॉपियां आमतौर पर तीन स्तर पर जांची जाती हैं, जिससे त्रुटियों की गुंजाइश न रहे। लेकिन इस मामले में पहली बार दो एग्जामिनरों ने जहां शून्य अंक दिए, वहीं तीसरे एग्जामिनर ने उलट निर्णय लेते हुए उन्हें पूरे 7 अंक प्रदान कर दिए। यह न सिर्फ आयोग की आंतरिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मूल्यांकन में कितनी लापरवाही संभव है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और भ्रष्टाचार के आरोप
हनुमान बेनीवाल ने 26 अप्रैल को जयपुर में प्रेस को संबोधित करते हुए इस मुद्दे को गहराई से उठाया। उन्होंने RPSC को “भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा” हुआ बताया और सवाल किया कि यदि पदमा की कॉपी वायरल नहीं होती, तो क्या यह चूक कभी सामने आती? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे सैकड़ों मामले और हो सकते हैं, जिन्हें दबा दिया गया है। उन्होंने RAS 2018 और 2021 की सभी उत्तर पुस्तिकाओं को सार्वजनिक करने की मांग की।
पदमा चौधरी अब 39वीं रैंक पर
जांच के बाद RPSC ने पदमा चौधरी की रैंक को संशोधित करते हुए 24वीं से घटाकर 39वीं कर दिया है। आयोग ने इस संबंध में कार्मिक विभाग को भी सूचित किया है। यह घटना संभवतः RPSC के इतिहास में पहली बार हुई है जब वर्षों पुराने परीक्षा परिणाम में सार्वजनिक रूप से सुधार किया गया है।


