शोभना शर्मा। राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल उस वक्त तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा झालावाड़ में पेयजल संकट को लेकर अधिकारियों को फटकारते हुए की गई सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की विफलता करार देते हुए जमकर हमला बोला है।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इन दिनों हाड़ौती क्षेत्र के दौरे पर हैं और उन्होंने झालावाड़ जिले के विभिन्न कस्बों में दौरा करते समय पेयजल संकट की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतें सुनीं। रायपुर कस्बे के नागरिकों ने उनके सामने बताया कि उन्हें पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर राजे ने तुरंत अधिकारियों को बुलाकर फटकार लगाई और व्यवस्था में जल्द सुधार लाने के निर्देश दिए। बाद में वसुंधरा राजे ने इस मुद्दे को लेकर एक कड़ी टिप्पणी सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें उन्होंने न केवल अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए बल्कि सरकार की सुस्ती पर भी अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई। उनका यह पोस्ट वायरल होते ही कांग्रेस को सियासी हमला करने का एक बड़ा अवसर मिल गया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने वसुंधरा राजे की पोस्ट को आधार बनाते हुए भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “वसुंधरा राजे का ट्वीट भाजपा सरकार की सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है। कितनी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी ही पार्टी की सरकार के रहते पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर सोशल मीडिया पर बात उठानी पड़ रही है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वसुंधरा राजे की यह एक्टिवनेस केवल स्थानीय समस्या को उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में उनके राजनीतिक पुनः सक्रियता का भी संकेत है। भाजपा में लंबे समय से चल रही आंतरिक खींचतान के बीच राजे का यह कदम उनके समर्थकों के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया है कि अगर सरकार अपने ही वरिष्ठ नेताओं की बातों को नजरअंदाज कर रही है तो यह साफ दर्शाता है कि मौजूदा नेतृत्व आम जनता की समस्याओं को लेकर कितना असंवेदनशील है।


