मनीषा शर्मा। चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी को लोकसभा की याचिका (पिटिशन) समिति का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी मिलने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। जोशी ने अपने इस नए दायित्व के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया।
कौन हैं समिति के अन्य सदस्य?
याचिका समिति में सांसद सीपी जोशी के साथ 13 अन्य सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं, जबकि एक पद अभी रिक्त है। समिति के सदस्यों में शामिल हैं:
एंटो एंटनी
मितेश पटेल बाकाभाई
सुखदेव भगत
राजू बिस्टा
गुरमीत सिंह
बस्तिपति नागराजू
डॉ. राजकुमार सांगवान
कमलजीत शेहरावत
देवेश शाक्य
मंजू शर्मा
विष्णु दत्त शर्मा
अभय कुमार सिन्हा
राजमोहन उन्नीथन
लोकसभा की याचिका समिति का क्या काम होता है?
लोकसभा की याचिका समिति एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति होती है, जो जनता द्वारा संसद में प्रस्तुत याचिकाओं पर विचार करती है और उनके समाधान के लिए सुझाव देती है। इसके प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
संसद में जनता द्वारा उठाई गई याचिकाओं पर विचार करना।
सरकार से याचिकाओं पर राय मांगना।
संबंधित मंत्रालयों से विचार-विमर्श कर याचिकाओं के समाधान के लिए निर्देश देना।
संसद में रिपोर्ट पेश करना।
नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना।
सीपी जोशी का राजनीतिक सफर
सीपी जोशी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और चित्तौड़गढ़ से तीन बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने विभिन्न संसदीय समितियों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में वे संसद की सार्वजनिक उपक्रम समिति और ऊर्जा समिति के सदस्य हैं। इससे पहले वे बहु-राज्य सहकारी समिति (संशोधन) विधेयक, 2022 की संयुक्त समिति के सभापति भी रह चुके हैं।
बीजेपी में खुशी की लहर
सीपी जोशी को इस पद पर नियुक्त किए जाने के बाद चित्तौड़गढ़ और राजस्थान में बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के जरिए उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह चित्तौड़गढ़ की जनता और सांसद जोशी के प्रभावशाली नेतृत्व का सम्मान है।
सीपी जोशी को क्यों मिली यह जिम्मेदारी?
सांसद जोशी लंबे समय से बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं। वे राजस्थान में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और भाजयुमो (भारतीय जनता युवा मोर्चा) के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके कुशल नेतृत्व और संसदीय कार्यों में अनुभव को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।


