शोभना शर्मा, अजमेर । कोटड़ा क्षेत्र में स्थित विवेकानंद स्मारक पर रविवार को युवा दिवस के अवसर पर 13.5 फीट ऊंची स्वामी विवेकानंद की अष्टधातु की मूर्ति का अनावरण किया गया। यह अनावरण राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने किया। जयपुर में तैयार की गई यह मूर्ति शुक्रवार देर रात अजमेर पहुंची और शनिवार को स्मारक पर स्थापित की गई।
स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित आयोजन
मूर्ति अनावरण समारोह में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्वामी विवेकानंद के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद ने देश को विश्व गुरु बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उनका जीवन और आदर्श आज भी हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।” उन्होंने सभी से विवेकानंद के विचारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। इस मौके पर भाजपा शहर जिला अध्यक्ष रमेश सोनी, डिप्टी मेयर नीरज जैन, कलेक्टर लोकबंधु, और एडीए आयुक्त नित्या के सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
विवेकानंद स्मारक का इतिहास और निर्माण
विवेकानंद स्मारक की शुरुआत 2006 में की गई थी। यह स्मारक 70 बीघा भूमि पर बनाया गया है। हालांकि, कई वर्षों तक निर्माण कार्य अधूरा पड़ा रहा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तत्कालीन कलेक्टर एवं सीईओ प्रकाश राजपुरोहित ने 1.32 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण कार्य पूरा कराया।
18 साल बाद मूर्ति स्थापित
स्मारक निर्माण के 18 साल बाद अब जाकर स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की गई है। इस स्मारक का अब पूरी तरह से निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। इसके साथ ही यहां पर एक विवेकानंद गैलरी बनाने की योजना भी है, जहां आगंतुक ध्यान योग और विवेकानंद के आदर्शों को समझ सकेंगे।
स्मारक के विकास में आए बदलाव
अजमेर में 2006-2007 के दौरान झलकारी बाई स्मारक, महाराणा प्रताप स्मारक और विवेकानंद स्मारक को एक साथ स्वीकृति मिली थी। झलकारी बाई और दाहरसेन स्मारकों को स्थानीय नेताओं के प्रयासों से विकसित किया गया। महाराणा प्रताप स्मारक को एडीए के तत्कालीन अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा ने पूरा कराया। तीन साल पहले महाराणा प्रताप स्मारक पर लेजर शो शुरू किया गया। अब विवेकानंद स्मारक पर मूर्ति स्थापित होने के बाद शहर के चार प्रमुख स्मारकों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
स्मारक पर सुविधाएं
स्मारक के परिसर में तीन गुमटियां बनाई गई हैं, जिन्हें किराए पर दिया जाएगा। इससे आगंतुकों के लिए कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, जयपुर रोड पर निजी संस्था के माध्यम से बनाया जा रहा महर्षि दयानंद स्मारक भी अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है।
पर्यटन के लिए नया केंद्र
विवेकानंद स्मारक अब न केवल स्थानीय जनता के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। यहां विवेकानंद गैलरी और ध्यान योग जैसी गतिविधियों से लोग आध्यात्मिक अनुभव ले सकेंगे। अजमेर में चार प्रमुख स्मारकों के पूरा होने और महर्षि दयानंद स्मारक के निर्माण से यह शहर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के केंद्र के रूप में और मजबूत हुआ है।


