मनीषा शर्मा। कोटा की 20 वर्षीय सलोनी मित्तल ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षा में ऑल इंडिया 40वीं रैंक हासिल कर पूरे कोटा का नाम रोशन किया है। सलोनी ने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और सही रणनीति का पालन किया। उन्होंने बताया कि 16 से 18 घंटे की पढ़ाई और फैमिली सपोर्ट ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
सलोनी की प्रेरणादायक यात्रा
सलोनी मित्तल का परिवार एक सामान्य पृष्ठभूमि से आता है। उनके परिवार में कोई भी पहले से सीए नहीं था। उन्होंने बताया, “रिश्तेदारों में जब भी कोई सीए बनता था, तो उनके परिवार पर गर्व किया जाता था। तभी मैंने ठाना कि मुझे भी सीए बनकर अपने परिवार का नाम रोशन करना है।”
सलोनी ने 10वीं के बाद कॉमर्स विषय चुना और साल 2020 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने मुंबई से बीकॉम किया और उसी समय सीए की कोचिंग भी शुरू कर दी। स्टडी लीव के दौरान उन्होंने 12 घंटे की प्रभावी पढ़ाई का लक्ष्य रखा और परीक्षा के दिनों में इसे बढ़ाकर 16-18 घंटे कर दिया।
परिवार का समर्थन
सलोनी के पिता का निधन तब हुआ था जब वह केवल चार साल की थीं। उनके बड़े भाई-बहन और मां ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उनकी मां, सुनीता मित्तल, ने बताया, “सलोनी तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। उसके भाई और बहन ने हमेशा उसका मार्गदर्शन किया।”
सलोनी की बड़ी बहन सुरभि मुंबई IIT से पीएचडी कर रही हैं, और उनके भाई सौरभ आईआईटी धनबाद से ग्रेजुएट हैं। फिलहाल वह कोटा के एक निजी कोचिंग संस्थान में फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं। भाई सौरभ ने बताया, “सलोनी बचपन से ही होनहार रही है। गुरुवार रात को जब परीक्षा के परिणाम आए, तो परिवार और आस-पड़ोस में खुशी का माहौल छा गया।”
सीए परीक्षा परिणाम और कोटा का प्रदर्शन
कोटा सीए ब्रांच के चेयरमैन प्रकाश चौधरी ने बताया कि इस साल कोटा से दोनों ग्रुप में 162 छात्र सीए फाइनल की परीक्षा में बैठे, जिनमें से 29 छात्रों ने सफलता प्राप्त की।
ग्रुप 1: 143 छात्रों में से 20 पास हुए।
ग्रुप 2: 66 छात्रों में से 13 पास हुए।
दोनों ग्रुप का कुल पास प्रतिशत 17.90% रहा।
सलोनी की उपलब्धि
सीए चौधरी और सीकासा कमेटी के चेयरमैन दीपक सिंघल ने बताया कि सलोनी मित्तल ने 433 अंकों के साथ ऑल इंडिया 40वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा, “यह कोटा के लिए गर्व की बात है कि इतनी छोटी उम्र में सलोनी ने यह मुकाम हासिल किया है।”
पढ़ाई का तरीका
सलोनी ने बताया कि वह पढ़ाई के दौरान स्ट्रेस कम करने के लिए ब्रेक्स लेती थीं और फैमिली के साथ समय बिताती थीं। उनके मुताबिक, “मैंने हमेशा अपने टाइम टेबल को फॉलो किया और मुश्किल समय में परिवार से बात करके अपनी परेशानियों को दूर किया।”
सलोनी का संदेश
सलोनी ने सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “अगर आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी मेहनत करते हैं और धैर्य रखते हैं, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती।”
कोटा में खुशी का माहौल
सलोनी के इस उपलब्धि के बाद उनके पैतृक निवास तालेड़ा में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार, और पड़ोसियों ने मिठाई बांटकर इस पल को सेलिब्रेट किया।


