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दिसंबर के अंत में राजस्थान में कड़ाके की ठंड और बारिश की संभावना

दिसंबर के अंत में राजस्थान में कड़ाके की ठंड और बारिश की संभावना

शोभना शर्मा, अजमेर।  दिसंबर का अंत राजस्थान में कड़ाके की ठंड लेकर आ रहा है। राज्य में अगले चार दिनों तक शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा, जिससे न्यूनतम तापमान शून्य या माइनस तक गिर सकता है। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर के आखिर तक ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। राज्य के कुछ हिस्सों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते हल्की बारिश भी होने की संभावना जताई जा रही है।

सिरोही रहा सबसे ठंडा

शुक्रवार को राजस्थान का सिरोही जिला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, चूरू और संगरिया में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जो 6.9 डिग्री सेल्सियस रही। अजमेर और बीकानेर के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों में तापमान गिरावट के साथ सामान्य से नीचे बना रहा।

अन्य जिलों का तापमान

राज्य के कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।

  • भीलवाड़ा: 10.5 डिग्री
  • अलवर: 5.6 डिग्री
  • पिलानी: 7.9 डिग्री
  • सीकर: 9.2 डिग्री
  • कोटा: 9.9 डिग्री
  • चित्तौड़गढ़: 9.8 डिग्री
  • बाड़मेर: 9.8 डिग्री
  • जैसलमेर: 8.5 डिग्री
  • जोधपुर (फलौदी): 8.2 डिग्री
  • बीकानेर: 8.4 डिग्री
  • चूरू: 6.9 डिग्री
  • श्रीगंगानगर: 7.8 डिग्री
  • माउंट आबू: 4.0 डिग्री

माउंट आबू, जो राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है, का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया।

शीतलहर और बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 25 दिसंबर से बारिश की शुरुआत हो सकती है।

  • 25 दिसंबर: दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार।
  • 26-27 दिसंबर: उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।

इस दौरान राज्य के तापमान में हल्की गिरावट आएगी। वहीं, शीतलहर का प्रभाव बने रहने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर तेज रहेगा।

राजस्थान में ठंड का असर

राजस्थान में ठंड का यह दौर हर साल दिसंबर के आखिर और जनवरी के शुरुआती हफ्तों में अपने चरम पर पहुंचता है। इस बार, शेखावाटी क्षेत्र के फतेहपुर (सीकर) और आस-पास के इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे जाने की संभावना है। इस क्षेत्र को राजस्थान का सबसे ठंडा इलाका माना जाता है।

बारिश का असर

बारिश के कारण किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जिन इलाकों में फसलों की कटाई हो चुकी है, वहां हल्की बारिश से नुकसान की आशंका है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

सरकार की तैयारी

राजस्थान सरकार ने ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सार्वजनिक स्थलों और रैन बसेरों में अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने ठंड के कारण बढ़ने वाली बीमारियों से बचाव के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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