मनीषा शर्मा। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। श्रीगंगानगर जिला संघ के सेक्रेटरी विनोद सहारण ने कमेटी के सदस्यों धर्मवीर सिंह शेखावत और रतन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सहारण का कहना है कि ये दोनों सदस्य कांग्रेस के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और सिलेक्शन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
“धर्मवीर और रतन सिंह राजस्थान के युवा खिलाड़ियों का भविष्य खराब कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री और खेल मंत्री से इनकी निष्पक्ष जांच और इन्हें हटाने की मांग करूंगा।”
क्या हैं आरोप?
1. कांग्रेस के एजेंट होने का आरोप
विनोद सहारण ने कहा कि धर्मवीर सिंह और रतन सिंह पूरी तरह से कांग्रेसी विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
धर्मवीर सिंह को वैभव गहलोत की कोर टीम का हिस्सा बताया गया।
रतन सिंह पर कांग्रेस समर्थित खिलाड़ियों को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया।
2. सिलेक्शन में गड़बड़ी
सहारण के अनुसार, एडहॉक कमेटी ने कई डमी खिलाड़ियों को राजस्थान की टीम में शामिल किया।
पाली और बीकानेर जिलों के नॉन-परफॉर्मर खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई।
श्रीगंगानगर, भरतपुर, अलवर, नागौर और धौलपुर जैसे जिलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
सिलेक्शन कमेटी पर दबाव बनाकर कन्हैयालाल स्वामी जैसे अयोग्य खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी टीम में शामिल करवाया गया।
3. चयन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन
सहारण ने आरोप लगाया कि धर्मवीर और रतन सिंह सिलेक्शन कमेटी की बैठकों में नियमों के खिलाफ जाकर हस्तक्षेप करते हैं।
डूंगरपुर जिला संघ के सेक्रेटरी के भांजे को शतक लगाने के बावजूद अंडर-19 टीम में शामिल नहीं किया गया।
सिलेक्शन में सिर्फ सिफारिशी खिलाड़ियों को तवज्जो दी जा रही है।
विनोद सहारण का बयान
विनोद सहारण ने कहा,
“राजस्थान क्रिकेट के युवा खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर है। एडहॉक कमेटी के इन दोनों सदस्यों को हटाना बेहद जरूरी है। मैं मुख्यमंत्री और खेल मंत्री से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग करूंगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मवीर और रतन सिंह ने RCA में जमकर भ्रष्टाचार किया है और कांग्रेस समर्थित जिला संघों को फायदा पहुंचाया है।
मुख्य मांगें:
एडहॉक कमेटी के सदस्यों की निष्पक्ष जांच।
भ्रष्टाचार में लिप्त सदस्यों को हटाना।
सिलेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना।
धर्मवीर सिंह और रतन सिंह का पक्ष
धर्मवीर सिंह का बयान
धर्मवीर सिंह ने सहारण के आरोपों को झूठा और निराधार बताया। उन्होंने कहा,
“सहारण खुद 2018 में एडहॉक कमेटी के कन्वीनर थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल में सिर्फ पैसों का लेनदेन किया। मुझे उनके प्रमाणपत्र की कोई जरूरत नहीं है।”
सिंह ने कहा कि वह वैभव गहलोत की कोर टीम का हिस्सा नहीं हैं और RCA में सभी फैसले नियमों के तहत लिए जाते हैं।
रतन सिंह का बयान
रतन सिंह ने कहा,
“मेरे परिवार के कई सदस्य भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। जिन खिलाड़ियों का नाम सहारण ने लिया है, वे अपनी काबिलियत के आधार पर चुने गए हैं।”
उन्होंने सहारण पर व्यक्तिगत हमले करते हुए कहा कि सहारण को झुंझुनूं और झालावाड़ तक लिखना नहीं आता।


