शोभना शर्मा। राजस्थान में भाजपा की भजनलाल सरकार दिसंबर में अपने पहले साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। इस मौके पर सरकार कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों का ऐलान कर सकती है। इन फैसलों में पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के अंतिम महीनों में लिए गए विवादित निर्णयों की समीक्षा और राज्य की राजनीतिक-सामाजिक जरूरतों के अनुसार बदलाव शामिल हैं।
1. नवगठित जिलों की समीक्षा और कटौती
गहलोत सरकार ने 2023 में अपने कार्यकाल के आखिरी छह महीनों में 17 नए जिलों और 3 संभागों का गठन किया था। भाजपा ने इस फैसले को चुनावी फायदा उठाने का प्रयास बताया था।
- सत्ता में आने के बाद भजनलाल सरकार ने इस निर्णय की समीक्षा के लिए मंत्रियों की एक कमेटी बनाई।
- कमेटी ने रिपोर्ट में सुझाया है कि कई नए जिलों का गठन व्यावहारिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
- सरकार इन जिलों में से 6 जिलों को खत्म करने का फैसला ले सकती है।
यह कदम ऐतिहासिक माना जाएगा और भजनलाल सरकार की कार्यक्षमता को दर्शाएगा।
2. सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 पर बड़ा फैसला
सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के दौरान बड़े स्तर पर पेपर लीक और फर्जीवाड़ा हुआ।
- आरपीएससी के सदस्यों और माफियाओं समेत 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- बेरोजगार युवाओं ने लंबे समय से भर्ती रद्द करने की मांग की है।
- भजनलाल सरकार ने इस मामले में एसओजी की रिपोर्ट का इंतजार किया।
अब सरकार इस परीक्षा को रद्द करने या मेहनत से चयनित हुए अभ्यर्थियों को सुरक्षित रखने का विकल्प तलाशने की घोषणा कर सकती है।
3. मुफ्त मोबाइल और राशन किट योजना पर रोक
गहलोत सरकार ने चुनावी फायदे के लिए अंतिम महीनों में कई योजनाएं शुरू की थीं, जिनमें:
- महिलाओं को मुफ्त मोबाइल फोन
- गरीब परिवारों को मुफ्त राशन किट वितरण
भजनलाल सरकार इन योजनाओं को राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित मानती है।
- चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से ये योजनाएं पहले ही रुकी हुई हैं।
- अब इन्हें पूरी तरह बंद करने का ऐलान हो सकता है।
4. वन स्टेट, वन इलेक्शन पर कदम
राजस्थान की 6975 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
- सरकार वन स्टेट, वन इलेक्शन नीति पर काम कर रही है।
- इसके तहत निकाय चुनावों को टालने के लिए अध्यादेश लाने की योजना बनाई जा रही है।
- इस दौरान ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं।
हालांकि, इसके लिए कई कानूनी पेचीदगियों को सुलझाने की आवश्यकता है। सरकार इस पर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर सकती है।
5. पूर्ववर्ती सरकार के फैसलों पर पुनर्विचार
भजनलाल सरकार ने पूर्व गहलोत सरकार के दौरान लिए गए कई फैसलों की समीक्षा शुरू कर दी है।
- अप्रासंगिक योजनाओं को रद्द किया जा सकता है।
- राज्य की जरूरतों के अनुसार नई नीतियों का निर्माण किया जाएगा।
भजनलाल सरकार के फैसले क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- ये फैसले भजनलाल सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।
- सरकार की सुधारवादी छवि बनाने में मदद करेंगे।
- भ्रष्टाचार और अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए निर्णायक कदम होंगे।


