मनीषा शर्मा। हाल ही में क्षत्रिय करणी सेना (Kshatriya Karni Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत (Raj Singh Shekhawat) ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके अंतर्गत कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों को मारने पर करोड़ों के इनाम की घोषणा की गई है। यह घोषणा राष्ट्रव्यापी चर्चा का विषय बनी हुई है। शेखावत ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गैंग के प्रमुख सदस्यों अनमोल बिश्नोई, गोल्डी बरार, रोहित गोदारा, संपत नेहरा और वीरेंद्र चारण पर इनाम रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कोई भी इनको मारने का साहस करेगा, उसे कानून के अनुसार यह इनामी राशि दी जाएगी।
यह ऐलान तब हुआ जब इससे पहले शेखावत ने लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिस अधिकारी के लिए 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपए के नकद इनाम की घोषणा की थी। यह उनके अनुसार एक सख्त कदम है, जिसका उद्देश्य अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश देना है।
लॉरेंस गैंग के प्रमुख सदस्यों पर घोषित इनाम
क्षत्रिय करणी सेना द्वारा घोषित इनामी राशि कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपए है। इस राशि का बंटवारा विभिन्न सदस्यों के नाम पर इस प्रकार किया गया है:
- अनमोल बिश्नोई: 1 करोड़ रुपए इनाम
- गोल्डी बरार: 51 लाख रुपए इनाम
- रोहित गोदारा: 51 लाख रुपए इनाम
- संपत नेहरा: 21 लाख रुपए इनाम
- वीरेंद्र चारण: 21 लाख रुपए इनाम
इस घोषणा के बाद, यह स्पष्ट होता है कि राज सिंह शेखावत और करणी सेना का उद्देश्य लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आतंक को समाप्त करना है। उन्होंने इसे एक मिशन का रूप दिया है, जहां इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शेखावत का मानना है कि इन अपराधियों की गतिविधियों ने समाज में भय और आतंक का माहौल पैदा कर दिया है, और अब समय आ गया है कि उन्हें कठोर संदेश दिया जाए।
करणी सेना की भीतरी राजनीति और गोगामेड़ी का बयान
इस बीच, क्षत्रिय करणी सेना की आंतरिक राजनीति भी सामने आ गई है। शेखावत के इस कदम पर गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके अनुसार राज सिंह शेखावत राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं हैं और उनके पति सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ही आजीवन राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि करणी सेना की स्थापना और नेतृत्व गोगामेड़ी का है, और उनकी उपस्थिति ही संगठन का असली चेहरा है।
शीला शेखावत ने बताया कि करणी सेना के समर्थक गोगामेड़ी के साथ हैं और उनके प्रति वफादार हैं। उनके अनुसार, जो भी कोई व्यक्ति चाहेगा, वह अपनी मर्जी से घोषणा कर सकता है, लेकिन करणी सेना की ओर से इस तरह का कोई ऐलान मान्य नहीं होगा जब तक कि यह संगठन द्वारा स्वीकृत न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है, तो वे किसी भी हद तक जाकर अपनी आवाज़ उठाएंगे, चाहे वह भूख हड़ताल हो या प्रदर्शन।
गोगामेड़ी की हत्या: एक वर्ष के बाद भी न्याय का इंतजार
पिछले साल 5 दिसंबर को जयपुर के श्याम नगर इलाके में गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। गोगामेड़ी के समर्थकों का मानना है कि इस हत्या का उद्देश्य करणी सेना के बढ़ते प्रभाव को कमजोर करना था। इस घटना के बाद से ही गोगामेड़ी के परिवार और समर्थकों में आक्रोश है, और वे अभी भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शीला शेखावत का कहना है कि उन्हें अभी तक इस घटना में न्याय नहीं मिला है और वे सरकार से न्याय की उम्मीद कर रही हैं। यदि उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी और संगठन की मांगों के लिए आगे बढ़ेंगी। उनका यह बयान करणी सेना के समर्थकों के बीच रोष का माहौल पैदा कर रहा है, और भविष्य में इसे लेकर करणी सेना के पक्ष में बड़ी प्रतिक्रिया देखी जा सकती है।
लॉरेंस गैंग की आपराधिक गतिविधियां और हाल की घटनाएं
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हाल ही में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। हाल ही में 12 अक्टूबर को मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की उनके बेटे जीशान के ऑफिस के बाहर हत्या कर दी गई थी, जिसकी जिम्मेदारी भी इस गैंग ने ली थी। इसके अलावा, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को भी लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं, जिससे सलमान खान और उनके प्रशंसकों में भय व्याप्त है। लॉरेंस गैंग ने इसके पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया है, और उनके खौफ का प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।


