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80 लाख की ठगी करने वाला छात्र गिरफ्तार, लग्जरी लाइफस्टाइल का खुलासा

80 लाख की ठगी करने वाला छात्र गिरफ्तार, लग्जरी लाइफस्टाइल का खुलासा

शोभना शर्मा, अजमेर।   साइबर थाने में सोशल मीडिया पर निवेश स्कीम का झांसा देकर लोगों को ठगने के मामले में 11वीं के एक छात्र की गिरफ्तारी ने सनसनी मचा दी है। इस घटना में आरोपी छात्र कासिफ मिर्जा (19) (Kasif Mirza) ने मुनाफे का लालच देकर लोगों से करीब 80 लाख रुपए की ठगी की। पुलिस के अनुसार, इस राशि में से करीब 20 लाख रुपए उसने अपने लग्जरी लाइफस्टाइल पर खर्च कर दिए हैं। यह मामला तब सामने आया जब ठगी का शिकार हुए लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

गिरफ्तारी और जांच का घटनाक्रम

अजमेर साइबर पुलिस ने नसीराबाद निवासी कासिफ मिर्जा को गिरफ्तार कर 2 दिन की रिमांड पर लिया था। एसआई मनीष चारण के अनुसार, उषा राठौड़ और माला पथरिया नामक दो महिलाओं ने नसीराबाद के सिटी थाने में 21 मार्च 2024 को ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप था कि सोशल मीडिया के जरिए कासिफ ने उन्हें निवेश के जरिए मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपए ठग लिए। कासिफ ने एक इन्वेस्टमेंट स्कीम बनाई थी, जिसमें उसने कम समय में दोगुने मुनाफे का वादा किया था। इस योजना में शामिल होने वाले कई लोगों से उसने रुपए लेकर बाद में वापस लौटाना बंद कर दिया।

ठगी के खेल का खुलासा

पूछताछ में कासिफ के पास से एक लग्जरी कार, एक आईफोन, एक लैपटॉप और रुपए गिनने की मशीन बरामद की गई है। पुलिस की जांच में पता चला कि कासिफ ने अक्टूबर 2023 में अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ‘लक्ष्मी इन्वेस्टमेंट’ नामक कंपनी शुरू की थी। इस कंपनी के तहत, उन्होंने एक ऐसी योजना चलाई, जिसमें केवल 4,000 रुपए से निवेश शुरू होता था और इसमें निवेश करने वालों को 24 से 28 दिनों के भीतर पैसे को दोगुना करने का वादा किया गया था।

मुनाफे के झांसे में आए रिश्तेदार

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि कासिफ ने सबसे पहले अपने दूर के रिश्तेदारों को इस योजना में शामिल किया था। प्रारंभ में, उन्हें स्कीम के तहत मुनाफा भी दिया गया ताकि वे अधिक लोगों को इस योजना में शामिल कर सकें। जैसे-जैसे लोग जुड़ते गए, कासिफ और उसके दोस्तों ने स्कीम के तहत निवेश की राशि को बढ़ाना शुरू कर दिया और लोगों से लाखों रुपए निवेश करने को प्रेरित किया।

पैसा जमा करने की विभिन्न स्कीमें

इस योजना के तहत कासिफ ने कई तरह की स्कीमें चलाई थीं, जिनमें 3,999 रुपए 4 सप्ताह तक जमा करवाने पर मैच्योर राशि 6,199 रुपए की गारंटी थी। इसी तरह, 9,999 रुपए जमा करवाने पर 6 सप्ताह में 15,499 रुपए, 19,999 रुपए पर 8 सप्ताह में 29,999 रुपए, 99,999 रुपए पर 13 सप्ताह में 1,39,999 रुपए, और 1,99,999 रुपए जमा करवाने पर 16 सप्ताह में 2,79,999 रुपए लौटाने का झांसा दिया गया था। इन योजनाओं से प्रभावित होकर कई लोगों ने इसमें निवेश किया।

हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल का शौक

पुलिस की जांच में कासिफ के बैंक अकाउंट्स की पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि उसने अपने लग्जरी लाइफस्टाइल पर अब तक करीब 20 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। कासिफ हर महीने दो-तीन बार अजमेर और पुष्कर के लग्जरी होटलों में ठहरता था और हर हफ्ते ब्रांडेड कपड़े खरीदता था। उसके अकाउंट्स से कई महंगे होटलों और ब्रांडेड शॉप्स में किए गए ट्रांजैक्शंस के सबूत मिले हैं।

पिता का दावा: बेटा निर्दोष है

कासिफ के पिता परवेज मिर्जा का कहना है कि उनके बेटे को फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले कासिफ के स्कूल से यह जानकारी मिली थी कि वह लग्जरी कार में स्कूल आता है, जिसे छिपाने का प्रयास भी किया गया था। परवेज मिर्जा का दावा है कि इस पूरे ठगी के खेल के पीछे उनके बेटे को मोहरा बनाया गया है और असली ठग कोई और है। उन्होंने यह भी बताया कि कासिफ एक मेधावी छात्र है और साइंस-मैथ्स विषयों की पढ़ाई कर रहा है।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कासिफ ने सोशल मीडिया को अपने ठगी के खेल का मुख्य माध्यम बनाया। वह व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्कीम का प्रचार करता था ताकि अधिक से अधिक लोग उसके झांसे में आ सकें। उसका काम था कि स्कीम से संबंधित जानकारियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाए और उन्हें निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

आगे की जांच और संभावित ठगी की राशि

पुलिस ने कासिफ के कुल पांच बैंक अकाउंट्स का पता लगाया है, जिसमें से एक अकाउंट में 42 लाख रुपए के ट्रांजैक्शंस हुए हैं। बाकी अकाउंट्स की जांच अभी जारी है। पुलिस का मानना है कि इस ठगी के खेल में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और ठगी की कुल राशि इससे भी अधिक हो सकती है।

अजमेर के साइबर थाने की इस कार्रवाई ने निवेशकों को सावधान कर दिया है और सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने के खतरों को उजागर किया है। पुलिस द्वारा अभी इस मामले की और गहराई से जांच की जा रही है ताकि अन्य संभावित आरोपियों का भी पता लगाया जा सके और निवेशकों को न्याय मिल सके।

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