मनीषा शर्मा। राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद तेज होता जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सब इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक समिति का गठन किया गया है, जो परीक्षा में अनियमितताओं की जांच कर रही है। इस समिति के गठन के बाद से ही परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी और परीक्षा रद्द कराने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के बीच मतभेद पैदा हो गया है। एक ओर जहां चयनित उम्मीदवार भर्ती परीक्षा को रद्द न करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने के लिए प्रदर्शन तेज कर दिया है।
शनिवार को जयपुर के रिद्धि सिद्धि चौराहे पर सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए, जिन्होंने परीक्षा में धांधली के आरोप लगाए और राज्य सरकार से इसे रद्द करने की मांग की। इस कैंडल मार्च के दौरान शहर के ट्रैफिक को भी कई जगहों पर जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे वाहन चालकों को काफी असुविधा हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस भर्ती परीक्षा में अनेक अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनके चलते प्रदेश के मेहनतकश युवाओं के सपनों को धक्का पहुंचा है।
अमित कुमार, जो इस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे, ने बताया कि राजस्थान सरकार की गठित एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) द्वारा सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में हर दिन नए-नए धांधली के सबूत जुटाए जा रहे हैं। अमित के अनुसार, कई ऐसे उम्मीदवार भी सामने आए हैं जो भर्ती में सिलेक्ट हो गए थे, लेकिन ट्रेनिंग छोड़कर भाग रहे हैं। यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि भर्ती परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं। अमित का मानना है कि भर्ती परीक्षा को रद्द करना ही एकमात्र विकल्प है ताकि सच्चे और मेहनती युवाओं को मौका मिल सके।
रिद्धि सिद्धि चौराहे पर प्रदर्शन में शामिल कविता ने कहा कि इस परीक्षा में भ्रष्टाचार ने मेहनतकश युवाओं के भविष्य को बुरी तरह से प्रभावित किया है। कविता ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा में कई उम्मीदवारों ने रिश्वत देकर पेपर खरीदा और वे चयनित हो गए। इससे उन हजारों युवाओं को गहरा धक्का लगा है जो लंबे समय से ईमानदारी से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। कविता ने जोर देकर कहा कि अगर सरकार इस परीक्षा को रद्द नहीं करती है, तो भविष्य में भर्ती होकर काम करने वाले सब इंस्पेक्टर भ्रष्टाचार में लिप्त रहेंगे और आम जनता को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कविता के अनुसार, “राज्य सरकार को चाहिए कि वह इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दे ताकि सभी उम्मीदवारों को एक बार फिर से ईमानदारी और मेहनत के साथ परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।” प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है और सरकार को इसके प्रति गंभीर होना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने अब तक सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, यह देखा जा रहा है कि इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, और सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार किस तरह से इस विवाद का समाधान निकालती है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने परीक्षा को रद्द नहीं किया, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज होंगे और सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ सकता है। अब सरकार के ऊपर यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कराए और निष्कर्ष तक पहुंच कर युवाओं को संतुष्ट करे।