मनीषा शर्मा, अजमेर। पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुस्लिम समाज ने अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जुम्मे की नमाज के बाद, मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग दरगाह के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष सैयद गुलाम किब्रिया ने किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपने गुस्से का इजहार किया और टिप्पणी करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती ने विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर की गई टिप्पणी हमारे समाज के लिए अपमानजनक है, और हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई शिकायतों के बावजूद किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, जो मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत कर रहा है।
अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष गुलाम किब्रिया ने अपने संबोधन में कहा कि हमें गर्व है कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां विभिन्न धर्मों के लोग, जैसे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में मोहब्बत और सौहार्द्र के साथ रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश ऋषियों, मुनियों, और संतों की भूमि है, जहां हर कोई एक-दूसरे का सम्मान करता है। उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि हाल के वर्षों में धार्मिक स्थलों, विशेष रूप से मस्जिदों और दरगाहों पर हमले बढ़ गए हैं और अनर्गल बयानबाजी से समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले समाज के अन्य लोगों ने भी इस प्रकार के बयानों और कृत्यों पर सख्त नाराजगी जताई और सरकार से अपील की कि इस मामले में दोषियों पर शीघ्रता से कानूनी कार्रवाई की जाए। सरवर चिश्ती ने कहा कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह एक ऐसा स्थान है जहां सभी धर्मों के लोग इकट्ठा होते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थान पर किसी भी प्रकार की अनादरपूर्ण टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।


