शोभना शर्मा , अजमेर। दीवाली के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ शुद्ध आहार अभियान चलाते हुए तीन स्थानों पर छापेमारी की और मिलावटी उत्पादों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को इस अभियान के तहत सैंपलिंग कराई गई और दोषियों पर कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम तीन प्रमुख स्थानों पर छापेमारी की और विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। विभाग की इस सख्ती का मुख्य कारण दीवाली और अन्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मिलावटखोरी है। इस संदर्भ में CMHO ज्योत्सना रंगा ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है।
टीम सबसे पहले हाथीखेड़ा स्थित साईकृपा स्वीट्स पहुंची, जहां बड़े पैमाने पर डोडा बर्फी का उत्पादन हो रहा था। यहां उपस्थित कर्मचारियों के पास पेस्ट कंट्रोल और मेडिकल फिटनेस के प्रमाण पत्र नहीं थे। टीम ने इस पर आपत्ति जताई और मैनेजर को नोटिस जारी करने की तैयारी की। इसके साथ ही डोडा बर्फी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
इसके बाद टीम ने काजीपुरा बोराज स्थित अग्रवाल ट्रेडर्स पर छापेमारी की, जहां सोहन हलवा बनाने का काम चल रहा था। टीम ने पाया कि हलवा मूंगफली के ऊपर रंग कर तैयार किया जा रहा था, और इसमें ग्रीन कलर के केमिकल का उपयोग हो रहा था। लगभग 200 किलो पुराना दूषित और बदबूदार हलवा भी मिला, जिसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। टीम ने हलवे के सैंपल लिए और करीब 250 किलो सोहन हलवा जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीसरी छापेमारी फॉयसागर रोड पर स्थित लॉफ्टर शेफ गीत मसाले पर की, जहां से धनिया पाउडर और गेहूं दलिया के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद मिलेगी कार्रवाई
सीएमएचओ ज्योत्सना रंगा ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर हो सकता है। इसलिए इस अभियान के माध्यम से मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों और फैक्ट्रियों को नोटिस दिया जाएगा।


