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राजस्थान के डिप्टी सीएम के बेटे का बिना सीट बेल्ट ड्राइविंग पर चालान

राजस्थान के डिप्टी सीएम के बेटे का बिना सीट बेल्ट ड्राइविंग पर चालान

शोभना शर्मा। राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद्र बैरवा के बेटे का हाल ही में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा चालान काटा गया है। यह कार्रवाई उनके बेटे द्वारा बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने, गाड़ी में अवैध मॉडिफिकेशन करने और खतरनाक ड्राइविंग के लिए की गई। इसके चलते उन्हें कुल 7 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

वीडियो वायरल होने से शुरू हुआ मामला

करीब एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें डिप्टी सीएम के बेटे और उनके दोस्तों को गाड़ी चलाते, म्यूजिक बजाते और रील बनाते हुए देखा गया था। इस वीडियो में देखा गया कि गाड़ी चला रहे व्यक्ति ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी और गाड़ी में कई अवैध मॉडिफिकेशन किए गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और चर्चाओं का विषय बन गया। इसके बाद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने कार्रवाई करते हुए चालान जारी किया।

डिप्टी सीएम का बचाव

इस मामले के बाद जब सोशल मीडिया पर काफी आलोचना होने लगी, तो डिप्टी सीएम प्रेमचंद्र बैरवा ने अपने बेटे का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मैं भाग्यशाली हूं कि मुझ जैसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिप्टी सीएम बनाया। मेरे बेटे को भी अब लोगों से मिलने और अच्छी गाड़ियां देखने का मौका मिल रहा है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बेटे ने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और उसकी कोई गलती नहीं है।

किस-किस मामले में हुआ चालान?

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने निम्नलिखित आधारों पर 7 हजार रुपए का चालान किया:

  1. बिना अनुमति के गाड़ी में मॉडिफिकेशन: गाड़ी में अवैध रूप से मॉडिफिकेशन किए जाने के कारण नियम 182A(4) के तहत 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
  2. बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाना: गाड़ी के ड्राइवर और पैसेंजर दोनों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, जिसके लिए 194B(1) के तहत 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
  3. खतरनाक ड्राइविंग: गाड़ी चलाते समय हाथ में कम्युनिकेशन डिवाइस (जैसे मोबाइल फोन) लेकर उसका उपयोग करते हुए खतरनाक ड्राइविंग के लिए 184(C) के तहत 1 हजार रुपए का जुर्माना किया गया।

कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का महत्त्व

ड्राइविंग के दौरान सीट बेल्ट न लगाना एक गंभीर अपराध माना जाता है, क्योंकि यह न केवल चालक की सुरक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि अन्य यात्रियों और सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए भी खतरा पैदा करता है। इसके अलावा, गाड़ी में अवैध मॉडिफिकेशन करना, जैसे कि म्यूजिक सिस्टम का अत्यधिक उपयोग, वाहनों की सुरक्षा और कानून के खिलाफ होता है।

खतरनाक ड्राइविंग और गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल भी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण होता है, इसलिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इन सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चालान जारी किया है।

डिप्टी सीएम का सफाई देना और विरोधाभास

डिप्टी सीएम प्रेमचंद्र बैरवा ने इस मामले में सफाई देते हुए अपने बेटे का पक्ष लिया। उनका कहना था कि उनके बेटे को बाहरी लोग अपनी गाड़ी में बैठाते हैं और उसे अच्छी गाड़ियां देखने का अवसर मिला है। उन्होंने अपने बेटे का बचाव करते हुए यह भी कहा कि उसने कोई नियम उल्लंघन नहीं किया है। हालांकि, वीडियो और चालान से स्पष्ट होता है कि उनके बेटे ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी और गाड़ी में अवैध मॉडिफिकेशन किए गए थे।

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