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5 करोड़ का पैकेज ठुकराने वाले अंकित अवस्थी का पैशन से मोहभंग

5 करोड़ का पैकेज ठुकराने वाले अंकित अवस्थी का पैशन से मोहभंग

शोभना शर्मा। राजस्थान के जयपुर में सहायक आबकारी अधिकारी के रूप में तैनात अंकित अवस्थी ने हाल ही में अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा महज एक सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद प्रेरणादायक कहानी छिपी हुई है। अंकित अवस्थी, जो पहले एक नामी कोचिंग संस्था के टॉप फैकल्टी में से एक थे और 5 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज कमा रहे थे, उन्होंने सरकारी नौकरी पाने के लिए उस आकर्षक प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

हालांकि, अब अंकित ने सरकारी नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि वे अपने पैशन – शिक्षण और समाज सेवा – को पूरी तरह से समर्पित करना चाहते हैं। अंकित का कहना है कि वर्दी पहनना और सरकारी सेवाओं में काम करना गर्व का अनुभव था, लेकिन उनका असली पैशन शिक्षा के क्षेत्र में है।

शिक्षण के प्रति जुनून

अंकित अवस्थी का कहना है कि पिछले 15 साल से वे हजारों स्टूडेंट्स को पढ़ा रहे हैं और शिक्षा के प्रति उनका जुड़ाव बेहद गहरा है। ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड दोनों में उन्होंने स्टूडेंट्स को पढ़ाया है, और उनके पढ़ाए हुए सैकड़ों छात्र विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयनित हो चुके हैं।

अंकित का यह भी कहना है कि सरकारी नौकरी करने के दौरान वे अपने शिक्षण कार्य को पूरा समय नहीं दे पा रहे थे। सरकारी जिम्मेदारियों और शिक्षक के रूप में उनके पैशन के बीच तालमेल बिठाना मुश्किल हो गया था। इसलिए, उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया कि वे सरकारी नौकरी छोड़कर पूरी तरह से अपने पैशन को फॉलो करेंगे।

आबकारी अफसर से शिक्षक की ओर वापसी

अंकित अवस्थी ने वर्ष 2018 की आरएएस भर्ती परीक्षा में 235वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें आबकारी विभाग में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया। इससे पहले, 2016 की आरएएस परीक्षा में भी अंकित ने 525वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन तब उन्होंने नौकरी जॉइन नहीं की थी।

जब 2021 में उनका आरएएस में चयन हुआ, तब वे एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान में टॉप फैकल्टी थे और सालाना 5 करोड़ रुपये का पैकेज कमा रहे थे। इसके बावजूद, सरकारी अफसर बनने के लिए उन्होंने उस पैकेज को ठुकरा दिया और राजकीय सेवा में शामिल हो गए।

आरोप और विवाद: वाट्सएप ग्रुप का मामला

हाल ही में, अंकित अवस्थी पर उनके सहकर्मियों द्वारा आरोप लगाए गए कि वे कार्य समय में यूट्यूब पर व्यस्त रहते हैं और सरकारी काम को नजरअंदाज करते हैं। यह विवाद एक वाट्सएप ग्रुप में छिड़ गया, जिसमें कुछ अधिकारियों ने यह सवाल उठाया कि एक सरकारी अधिकारी होते हुए भी वे यूट्यूब पर कैसे सक्रिय रहते हैं। इस बहस ने कुछ ही देर में तूल पकड़ लिया और अंततः उच्च अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

हालांकि, इस विवाद के बाद भी अंकित अवस्थी ने अपनी सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उनका काम और शिक्षण, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सरकारी नौकरी में रहते हुए वे अपने पैशन को सही से नहीं निभा पा रहे थे।

शिक्षक का पैशन: वर्दी से मोहभंग

अंकित अवस्थी ने अपने इस्तीफे के बाद एक भावनात्मक संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने अपनी वर्दी की तस्वीर के साथ लिखा, “अलविदा वर्दी, तुम्हें पाना और अशोक स्तंभ को कंधों पर सजाना निश्चित ही गौरवशाली रहा। लेकिन यह ज़िंदगी बहुत छोटी है और जीने के लिए बहुत सारे लम्हे हैं। अब कुछ और करने का जी चाहता है, खुली हवा में सांस लेने का मन है, दुनिया को और करीब से देखने का मन है।”

इस संदेश से यह स्पष्ट हो गया कि अंकित अवस्थी अब पूरी तरह से अपने पैशन – शिक्षण और समाज सेवा – की ओर रुख करना चाहते हैं।

अंकित का शिक्षण में योगदान और भविष्य की योजना

अंकित अवस्थी का कहना है कि उन्होंने सैकड़ों छात्रों को सरकारी नौकरी पाने में मदद की है, जिनमें से कई आरएएस और आईएएस जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयनित हुए हैं। उनका लक्ष्य अब और भी ज्यादा छात्रों को कम खर्च में बेहतरीन शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही उनका असली पैशन है और वे अब पूरी तरह से इसी दिशा में काम करना चाहते हैं।

उनका कहना है कि शिक्षा का क्षेत्र न केवल उन्हें संतोष देता है, बल्कि समाज में एक बड़ा योगदान भी प्रदान करता है। अंकित का मानना है कि वे गरीब और जरूरतमंद छात्रों को कम से कम खर्च में बेहतरीन तरीके से अध्यापन कराकर उनकी मदद कर सकते हैं।

5 करोड़ का पैकेज छोड़ने का निर्णय: एक साहसिक कदम

अंकित अवस्थी का सरकारी नौकरी छोड़ने का निर्णय न केवल साहसिक था, बल्कि प्रेरणादायक भी है। बहुत कम लोग होते हैं जो इतना बड़ा पैकेज छोड़कर सरकारी नौकरी को चुनते हैं, और फिर उससे भी आगे बढ़कर अपने पैशन का पीछा करते हैं।

यह कदम न केवल अंकित के लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है जो अपने सपनों का पीछा करने से डरते हैं।

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