मनीषा शर्मा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में एक सभा के दौरान भाजपा और उसकी सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला किया। डोटासरा ने कहा कि वर्तमान में राजस्थान सरकार में नौ महीने के कार्यकाल के बाद दो चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। पहली, अफसरशाही हावी है और मंत्री-विधायकों का कोई अधिकार नहीं चल रहा है। दूसरी, नेताओं के बेटों का अघोषित शासन स्थापित हो गया है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नेताओं के बेटे, जिन्होंने कभी गिल्ली-डंडा तक नहीं खेला होगा, अब क्रिकेट में भविष्य तलाश रहे हैं। इस पर उन्होंने खास तौर से डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बेटे का ज़िक्र किया। लेकिन बैरवा का मामला अकेला नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि और भी नेताओं के बेटे इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मदन दिलावर पर कड़ी प्रतिक्रिया
डोटासरा ने भाजपा के मंत्री मदन दिलावर पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि मदन दिलावर जिस प्रकार की भाषा का उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो जाए। डोटासरा ने कहा कि दिलावर को भाजपा और आरएसएस ने केवल बदतमीजी और बकवास करने के लिए छोड़ रखा है।
डोटासरा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “मदन दिलावर कोई मंत्री नहीं हैं, वह केवल एक नमूने हैं। अगर वह पांच साल तक शिक्षा मंत्री रहेंगे, तो भाजपा को 5 सीटें भी नहीं मिलेंगी।”
डोटासरा ने यह भी कहा कि भाजपा ने उन्हें केवल विवादित बयान देने और बदतमीजी करने के लिए छोड़ा है। उनके अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच काफी आक्रोश है, लेकिन वह उन्हें संयमित रहने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि मदन दिलावर की बयानबाजी विवेकहीन है।
भाजपा की अंदरूनी स्थिति पर सवाल
डोटासरा ने भाजपा की अंदरूनी समस्याओं पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जम्मू में ऐसे घूम रहे थे जैसे उन्होंने देश फतह कर लिया हो। उन्होंने भाजपा के मंत्री किरोड़ी लाल के कैबिनेट बैठक में शामिल होने पर भी सवाल खड़ा किया। अगर किरोड़ी लाल कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए, तो इससे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की असफलता मानी जाएगी।
डोटासरा ने भाजपा की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी में अधिकारियों के तबादलों के लिए नौ काउंटर खुल चुके हैं। कई अफसर इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि गलत काउंटर पर पर्ची कटने से उनका तबादला गलत हो गया। उन्होंने कहा, “सही काउंटर पर पर्ची कटने के बाद भी जब परिणाम सही नहीं निकलता, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार के गुड गवर्नेंस देने की स्थिति कमजोर हो गई है।”
हरियाणा चुनावों में प्रचार और कांग्रेस की योजना
डोटासरा ने अपने जन्मदिन पर भी काम करते रहने का संकल्प जताते हुए कहा कि वह 1 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा जन्मदिन मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि हरियाणा के चुनाव ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हरियाणा के लोगों ने भाजपा के खिलाफ मन बना लिया है। वहां कांग्रेस एकतरफा जीत हासिल करेगी।”
उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में भाजपा का कोई भी उम्मीदवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, या सीएम नायब सैनी का नाम नहीं ले रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वहां भाजपा के खिलाफ माहौल है। डोटासरा ने यह भी कहा कि हरियाणा चुनावों में कांग्रेस एक मजबूत स्थिति में है, और यह चुनाव भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होंगे। उन्होंने हरियाणा में कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी की और कहा कि लोग अब भाजपा की नीतियों से तंग आ चुके हैं।
गोविंद सिंह डोटासरा का यह बयान राजस्थान की राजनीति में एक नया मोड़ लाने की संभावना रखता है। उन्होंने भाजपा की सरकार, नेताओं और अफसरशाही पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि सरकार की नीतियां पूरी तरह विफल हो गई हैं। उनके अनुसार, अब जनता को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल रहा है, और सरकार प्रशासन में भी असफल साबित हो रही है। डोटासरा के अनुसार, कांग्रेस अब हरियाणा चुनाव में भी पूरी तरह से तैयार है और वहां भाजपा की स्थिति कमजोर हो चुकी है। उनका मानना है कि जनता भाजपा की कार्यप्रणाली से तंग आ चुकी है और इस बार कांग्रेस को एकतरफा जीत मिलेगी।


